नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में एसपी-बीएसपी के संभावित गठबंधन की काट के लिए बीजेपी अपना दल (अनुप्रिया पटेल) पर बड़ा दांव खेलने जा रही है. अपना दल ने 2014 के लोकसभा चुनाव में दो सीटों पर चुनाव लड़ा था और दोनों पर जीत हासिल की थी. बीजेपी अब अपना दल को और बड़ा रोल देने जा रही है. बीजेपी अनुप्रिया पटेल को पटेलों के बड़े नेता के रूप में प्रोजेक्ट करेगी.

राजभर पर अनुप्रिया को तरजीह
बीजेपी के इस कदम को मायावती-अखिलेश के संभावित गठबंधन की काट के रूप में देखा जा रहा है. यूपी में एनडीए की एक और पार्टी सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया और यूपी में मंत्री ओम प्रकाश राजभर अपनी पार्टी के लिए 80 में से 6 सीटें चाहते हैं. बीजेपी के एक सीनियर नेता का कहना है कि चंदौली से एसबीएसपी का उम्मीदवार उतारे जाने की ओमप्रकाश राजभर की घोषणा के बाद बीजेपी उन्हें एक भी सीट नहीं देने पर विचार कर रही है. यह सीट यूपी बीजेपी के चीफ महेंद्र नाथ पांडे की है. यहां तक की पिछले हफ्ते बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ हुई मीटिंग में भी राजभर को नहीं बुलाया गया था.

मिर्जापुर जा रहे हैं पीएम मोदी
दूसरी ओर अपना दल के साथ बीजेपी के रिश्ते और मजबूत हुए हैं. अमित शाह ने पिछले हफ्ते अनुप्रिया पटेल के संसदीय क्षेत्र का दौरा किया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 जुलाई को मिर्जापुर में कई प्रोजेक्ट का उद्घाटन और शिलान्यास करने के साथ ही रैली को संबोधित करने वाले हैं. लखनऊ में दो जुलाई को मनाए गए अपना दल के कार्यक्रम जन स्वाभिमान दिवस के मौके पर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि थे. इस दिन अनुप्रिया पटेल के पिता की 69वीं जयंती थी. बीजेपी ने इस साल अनुप्रिया पटेल के पति आशीष पटेल को एमएलसी बनाया है.

शानदार प्रदर्शन जारी
अनुप्रिया पटेल की अपना दल ने 2014 के लोकसभा चुनाव में दो सीटों मिर्जापुर और प्रतापगढ़ में चुनाव लड़ा और दोनों सीटें जीतीं. वहीं 2017 के विधानसभा चुनाव में 11 सीटों पर चुनाव लड़ा और 9 सीटें जीतीं. यूपी बीजेपी के एक नेता का कहना है कि ऐसे समय में जब अखिलेश औ मायावती के साथ आने की चर्चा है अपना दल का महत्व बीजेपी के लिए और बढ़ गया है. 51 प्रतिशत वोट प्रतिशत हासिल करने में अपना दल की महत्वपूर्ण भूमिका होगी.