श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को स्थानीय आतंकवादियों को ”भूमिपुत्र” करार देते हुए कहा कि उन्हें बचाने का प्रयास किया जाना चाहिए. महबूबा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में ”बंदूक संस्कृति” खत्म करने के लिए केंद्र को आतंकवादी नेतृत्व से वार्ता करनी चाहिए.

पार्टी के एक कार्यक्रम के बाद अनंतनाग में पीडीपी प्रमुख ने संवाददाताओं से कहा, इस समय, पाकिस्तान और अलगाववादियों के साथ वार्ता होनी चाहिए. इसी तरह आतंकवादियों के नेतृत्व से भी वार्ता की जानी चाहिए, क्योंकि उनके पास बंदूक है और केवल वहीं बंदूक की संस्कृति को खत्म कर सकते हैं. उन्होंने कहा, मेरा मानना है कि कहीं न कहीं हुर्रियत कांफ्रेंस के साथ ही आतंकवादियों से भी वार्ता करनी होगी.

बहरहाल, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत जल्दबाजी होगी (आतंकवादियों के साथ वार्ता करना). महबूबा ने कहा कि स्थानीय आतंकवादियों को हिंसा के रास्ते पर चलने से रोका जाना चाहिए.

महबूबा ने कहा, 2014 के चुनाव से पहले इसी तरह कांग्रेस ने अफजल गुरू को फांसी दे थी ये सोचके कि शायद इस तरह से उनको कामयाबी मिलेगी. आज बीजेपी वही दोहरा रही है. आज उन्होंने एक तो कन्हैया, उमर खालिद, उनके अलावा जम्मू-कश्मीर के 7-8 स्टूडेंट्स के खिलाफ चार्जशीट की है, जो कि बिलकुल गलत है. ऐसा महसूस हो रहा है कि 2019 के इलेक्शन की तैयारी में जम्मू-कश्मीर के लोगों को फिर से मोहरा बनाया जा रहा है. उनको इस्तेमाल किया जा रहा है. वोट की राजनीति हो रही है.