Jagannath Puri Rath Yatra 2020 Live: सुप्रीम कोर्ट से सोमवार को भगवान जगन्‍नाथ रथयात्रा की अनुमति मिलने के बाद अब पुरी में जगन्‍नाथ मंदिर परिसर में तैयारियां शुरू हो गई हैं. रथ यात्रा के लिए 1500 लोगों का कोरोना टेस्‍ट कराया जा रहा है. आज 12 बजे से रथ यात्रा में रथ खींचने का काम शुरू होगा. रथयात्रा का जुलूस निकाले जाने के दौरान पुरी शहर में कर्फ्यू रहेगा और शहर में प्रवेश के सभी रास्ते बंद किए जाएंगे. Also Read - ENG vs PAK: खिलाड़ियों के बल्‍ले पर ‘लोगो’ के लिए भी PCB नहीं जुटा पाया स्‍पांसर, उठने लगे सवाल

कोरोन वायरस संक्रमण की महामारी के बीच सुप्रीम कोर्ट से सालाना रथयात्रा की अनुमति मिली है. कोर्ट के आदेश के मुताबिक, रथयात्रा खींचने के लिए 500 से अधिक लोग शामिल नहीं होंगे. Also Read - भारत में कोविड-19 जांचों की संख्या एक करोड़ के पार, चीन से बहुत पीछे

बता दें कि सोमवार को उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद पुरी में बड़े पैमाने पर कोरोना वायरस जांच अभियान शुरू किया है, जिसमें भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान रथ खींचने वाले लोगों को अनिवार्य रूप से कोविड-19 की जांच करानी होगी और रिपोर्ट निगेटिव होगी, तभी वह यात्रा में भाग ले पाएंगे.

रथ यात्रा में तीन रथ शामिल हैं- भगवान जगन्नाथ की नंदीघोष, भगवान बलभद्र की तालध्वज और देवी सुभद्रा की दर्पदलन.

एक रथ को 500 लोग खींचेंगे, तीन के ल‍िए 1500 की जरूरत
500 से अधिक लोगों को एक रथ खींचने की अनुमति नहीं है, जिनमें सेवक और सुरक्षाकर्मी शामिल हैं और इसलिए, प्रशासन को तीन रथों को खींचने के लिए 1,500 लोगों की आवश्यकता है. स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ”हमें कम से कम 1,500 लोगों से नमूने एकत्र करने होंगे और मंगलवार सुबह 11 बजे तक जांच करानी होगी, क्योंकि रथ खींचने का काम दोपहर 12 बजे से शुरू होगा.”

सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी शर्तों के साथ रथयात्रा की अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ओडिशा के पुरी में कड़ी शर्तों के साथ भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के आयोजन की अनुमति दी थी. यह रथयात्रा आज से शुरू होगी और इसमें जनता की भागीदारी नहीं होगी. शीर्ष अदालत ने ओडिशा सरकार के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए अपने 18 जून के आदेश में संशोधन किया. राज्य सरकार ने कहा था कि जनता की उपस्थिति के बगैर ही सीमित तरीके से रथयात्रा का आयोजन किया जा सकता है. शीर्ष कोर्ट ने इससे पहले कोविड-19 महामारी के मद्देनजर कहा था कि इस साल ऐतिहासिक रथयात्रा के आयोजन की अनुमति नहीं दी जा सकती है.

शीर्ष अदालत ने इसल‍िए लगाई थी रोक 
शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा कि उसने 18 जून के अपने पूर्व के आदेश में रथयात्रा की अनुमति इसलिए नहीं दी थी, क्योंकि अधिकारियों ने पुरी में जनता की उपस्थिति के बिना रथयात्रा निकाले जाने को असंभव बताया था, जिससे उसके पास यात्रा पर रोक लगाने के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचा था.

रथयात्रा के जुलूस के दौरान पुरी शहर में कर्फ्यू लगेगा
सीजेआई एस.ए. बोबडे, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ ने इस मामले में दायर कई आवेदनों पर सुनवाई के बाद अपने आदेश में ओडिशा सरकार को निर्देश दिया कि रथयात्रा का जुलूस निकाले जाने के दौरान पुरी शहर में कर्फ्यू लगाया जाए और शहर में प्रवेश के सभी रास्ते बंद किए जाएं.