
Gaurav Barar
गौरव बरार (Gaurav Barar) इंडिया.कॉम में बतौर चीफ सब एडिटर न्यूज डेस्क पर अपनी सेवा दे रहे हैं. उनकी नेशनल, पॉलिटिकल, इंटरनेशनल की खबरों पर अच्छी पकड़ और समझ है. ... और पढ़ें
Jaipur Hospital Fire: राजस्थान की राजधानी जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में रविवार देर रात बड़ा हादसा हो गया. देर रात करीब 11 बजे अस्पताल की दूसरी मंजिल पर स्थित आईसीयू वार्ड में अचानक आग लग गई, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई.
हादसे के वक्त आईसीयू में 24 मरीज भर्ती थे. आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा वार्ड धुएं से भर गया. आग लगते ही अस्पताल के स्टाफ और वहां मौजूद परिजनों में हड़कंप मच गया. सभी ने मिलकर मरीजों को बेड सहित बाहर निकालने की कोशिश की.
कई लोग अपने मरीजों को ट्रॉलियों और स्ट्रेचर पर लादकर बाहर सड़क तक ले गए. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि अस्पताल के बाहर सड़क पर मरीज ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ लेटे हुए नजर आ रहे हैं.
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, इस हादसे में कम से कम छह मरीजों की मौत दम घुटने से हुई, जबकि पांच अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है. ट्रॉमा सेंटर प्रभारी अनुराग धाकड़ ने बताया कि आग ट्रॉमा आईसीयू में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी, जिससे जहरीली गैसें फैल गईं. उस समय आईसीयू में 11 मरीज और सेमी-आईसीयू में 13 मरीज भर्ती थे.
उन्होंने बताया, ‘हमारी टीम ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और जितने मरीजों को संभव हो सका, बाहर निकाला गया. छह मरीजों की हालत गंभीर थी, जिन्हें बचाने की बहुत कोशिश की गई, लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका. पांच अन्य मरीज अभी भी गंभीर हैं.’ मृतकों में दो महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं. उनकी पहचान इस प्रकार है- पिंटू (सीकर), दिलीप (आंधी), श्रीनाथ (भरतपुर), रुक्मणि (भरतपुर), खुशमा (भरतपुर) और बहादुर (सांगानेर).
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. इस दौरान स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे. अस्पताल प्रशासन ने बताया कि हादसे में किसी तरह का विस्फोट नहीं हुआ, बल्कि धुएं और जहरीली गैसों के कारण मरीजों का दम घुट गया.
घटना की जानकारी मिलते ही राजस्थान सरकार के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और कांग्रेस विधायक रफीक खान देर रात अस्पताल पहुंचे और मौके का जायजा लिया. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से हादसे की पूरी रिपोर्ट मांगी है. इसके बाद पूरे SMS अस्पताल परिसर में फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच शुरू कर दी गई है.
प्रशासन ने सभी विभागों को अपने-अपने वार्डों के सेफ्टी उपकरणों की स्थिति की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं. गौरतलब है कि जयपुर का SMS मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल राजस्थान के सबसे पुराने और सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थानों में से एक है. यहां 6,250 से अधिक बेड हैं और रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं. इस हादसे ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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