नई दिल्ली: आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक मसूद अजहर के गुर्दे खराब होने की खबरें हैं और ऐसा बताया जा रहा है कि उसका पाकिस्तान में रावलपिंडी के एक सैन्य अस्पताल में नियमित डायलसिस किया जा रहा है. सुरक्षा अधिकारियों ने यहां शनिवार को यह बात कही. इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि जैश का सरगना ‘बीमार’ है.

इस संबंध में एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा, ‘हालिया खबरें इस ओर इशारा करती हैं कि अजहर के गुर्दों ने काम करना बंद कर दिया है और उसका पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय रावलपिंडी के एक सैन्य अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसका नियमित डायलसिस किया जा रहा है.’ कुरैशी ने बृहस्पतिवार को कहा था, ‘‘मुझे मिली जानकारी के मुताबिक वह पाकिस्तान में ही है. वह इस हद तक बीमार है कि घर से बाहर भी नहीं निकल सकता. वह काफी बीमार है.’ अधिकारी ने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद का सरगना ओसामा बिन लादेन का निकट सहयोगी था. उसने कई अफ्रीकी देशों में आतंकवाद को बढ़ावा दिया और उसे ऐसे पाकिस्तानी मौलवी के रूप में भी जाना जाता है जिसने ब्रिटेन की मस्जिदों में जिहाद का पाठ पढ़ाया.

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उन्होंने कहा कि 50 वर्षीय आतंकवादी सरगना इतना प्रभावशाली है कि जब इंडियन एयरलाइंस के अपहृत विमान आईसी 814 को आतंकवादियों के कब्जे से छुड़ाने के बदले में भारत ने उसे कंधार में 31 दिसंबर 1999 को रिहा किया था तो लादेन ने उसी रात उसके लिए भोज आयोजित किया था. अजहर को 1994 में जम्मू-कश्मीर में जिहाद का पाठ पढ़ाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. बता दें कि भारत पिछले काफी समय से मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने की मांग कर रहा है. मसूद अजहर भारत में कई आतंकी हमले कराने का जिम्मेदार है.