अमेरिका–पाकिस्तान के रिश्तों पर जयशंकर ने कसा तंज, ओसामा बिन लादेन के आतंक की दिलाई याद

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान से नजदीकियां बढ़ाकर अपना इतिहास भूल रहा है. उन्होंने याद दिलाया कि 2011 में ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान के एबटाबाद सैन्य इलाके से पकड़ा गया था.

Published date india.com Published: August 23, 2025 7:16 PM IST
अमेरिका–पाकिस्तान के रिश्तों पर जयशंकर ने कसा तंज, ओसामा बिन लादेन के आतंक की दिलाई याद

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकियों पर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जिस पाकिस्तानी सेना को आज अमेरिका महत्व दे रहा है, वही सेना उस समय बिन लादेन को छिपाकर बैठी थी. उनका कहना था कि कई बार देश ‘राजनीति की सुविधा’ के हिसाब से फैसले लेते हैं, लेकिन यह इतिहास को नजरअंदाज करने जैसा है. जयशंकर ने याद दिलाया कि ओसामा बिन लादेन जैसे बड़े आतंकी को 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद स्थित सैन्य इलाके से पकड़ा गया था.

ऑपरेशन सिंदूर में US की एंट्री का क्या है सच?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे पर भी जयशंकर ने जवाब दिया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रोकने में मध्यस्थता की थी. जयशंकर ने साफ कहा कि ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद जो संघर्षविराम हुआ, वह केवल भारत और पाकिस्तान के बीच तय हुआ था, किसी तीसरे देश की मध्यस्थता से नहीं. उन्होंने माना कि उस समय अमेरिका और दूसरे देशों से फोन कॉल जरूर आए थे. लेकिन यह सामान्य अंतरराष्ट्रीय प्रैक्टिस है. जैसे भारत भी अन्य देशों के संघर्ष के दौरान बातचीत करता है, वैसे ही उस वक्त भी कॉल्स हुए थे.

अमेरिका-पाक नजदीकियों पर भारत का रुख

जयशंकर ने कहा अमेरिका और पाकिस्तान का रिश्ता नया नहीं है, दोनों देशों का एक लंबा इतिहास है और कई बार अमेरिका उस इतिहास को नजरअंदाज करता है. हाल ही में पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर को व्हाइट हाउस में बुलाया जाना इसी रिश्ते का उदाहरण है. हालांकि, जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अपनी कूटनीति और रिश्तों को लेकर आत्मविश्वासी है और अमेरिका से भारत के गहरे और संरचनात्मक रिश्ते किसी एक घटना से प्रभावित नहीं होते.

भारत की आत्मविश्वास भरी विदेश नीति

विदेश मंत्री ने ये भी कहा भारत को अपनी ताकत और अपनी प्राथमिकताओं का पूरा अहसास है. अमेरिका-पाकिस्तान की दोस्ती चाहे जैसी भी हो, भारत अपने रिश्तों और हितों को लेकर हमेशा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया आपस में जुड़ी हुई है और देशों के बीच फोन कॉल या बातचीत सामान्य है. लेकिन किसी भी नतीजे को गलत तरीके से पेश करना और यह दावा करना कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुई सहमति किसी तीसरे देश की वजह से हुई, यह बिल्कुल सही नहीं है. भारत ने अपने दम पर संघर्षविराम कराया और यही असली सच है.

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