नई दिल्ली. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्यों के कृषि कर्ज माफी में केंद्र कोई मदद नहीं करेगा और उन्हें उसकी लागत स्वयं वहन करनी होगी. महाराष्ट्र सरकार द्वारा कृषि ऋण माफी की घोषणा के मद्देनजर केंद्र सरकार का यह रुख महत्वपूर्ण है.Also Read - Omicron Cases Update: अब महाराष्‍ट्र में मिला ओमीक्रोन का नया केस, देश में अब तक कुल 4 केस

कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश में कर्ज से राहत की मांग को लेकर राज्य में कुछ जगह लोगों ने हिंसक प्रदर्शन किए. उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने इस साल छोटे एवं सीमांत किसानों के लिये 36,359 करोड़ रुपये के कर्ज माफी की घोषणा की. महाराष्ट्र सरकार की कर्ज माफी की घोषणा के बारे में पूछे जाने पर जेटली ने यह साफ किया कि केंद्र के राजकोषीय खजाने से कोई वित्तीय मदद नहीं दी जाएगी। Also Read - MP Panchayat Chunav: मध्‍य प्रदेश में पंचायत चुनाव का ऐलान, तीन चरण में होंगे, यहां सभी जरूरी जानकारी जानें

उन्होंने कहा, मैंने पहले ही यह साफ कर दिया है कि जो राज्य इस प्रकार की योजना (कृषि कर्ज माफी) चाहते हैं, उन्हें अपने संसाधन से इसकी व्यवस्था करनी होगी. इसके आगे केंद्र सरकार को इस बारे में कुछ नहीं कहना है. रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल पहले ही यह आगाह कर चुके हैं कि अगर राज्य इसी प्रकार का कदम (कर्ज माफी) उठाते रहे तो राजकोषीय स्थिति बिगड़ सकती है. Also Read - पहले प्रेमी ने बनाए यौन संबंध फिर दोस्तों को भेजा वीडियो, 33 लोगों ने अलग-अलग जगहों पर ले जाकर किया नाबालिग का रेप; अब पुलिस ने...