नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Corona Virus) ने पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है. लाखों लोगों की जानें जा चुकी हैं. लाखों बीमार हैं. दुनिया भर के वैज्ञानिक इसकी वैक्सीन बनाने में लगे हुए हैं, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है. भारत में भी कोरोना मरीजों की संख्या 52 हज़ार पार हो चुकी है. 1700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) को कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए गंगा जल के इस्तेमाल के लिए शोध करने की सिफारिश की. Also Read - Domestic Flights: घरेलू उड़ानों को सामान्य होने में लग सकता है 6 महीने का समय: हरदीप सिंह पुरी

जल शक्ति मंत्रालय का कहना है कि गंगा जल कोरोना के इलाज में कुछ काम आ सकता है. वहीं, इसे लेकर इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने जवाब भी दे दिया है. आईसीएमआर ने कहा कि शोध से पहले काफी इसके बारे में वैज्ञानिक आधार और डाटा जुटाने की ज़रूरत है, जो अभी नहीं है. और हम फिलहाल ये नहीं कर सकते हैं. Also Read - कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली में कंटेनमेंट जोन में इजाफा, 100 के पार पहुंची संख्या

सोशल मीडिया पर इस प्रस्ताव की चर्चा हो रही है. कई लोगों का कहना है कि गंगा नदी इन दिनों लॉकडाउन के चलते साफ़ हो गई है. उसे गंदा करने की कोशिश न की जाए. कुछ ने इस प्रस्ताव की आलोचना की है, वहीं कई का कहना है कि शोध तो किया ही जा सकता है.

बता दें कि भारत में कोरोना वायरस को मरने वाली वैक्सीन बनाए जाने की कोशिशें चल रही हैं. अब तक कोई भी शोध किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सका है. कोरोना वायरस के कहर के चलते देश में 24 मार्च से लॉकडाउन है. आज ही एम्स दिल्ली के डायरेक्टर ने कहा है कि कोरोना वायरस जून-जुलाई में अपने चरम पर होगा.