नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलियांवाला बाग हत्याकांड के शहीदों को सोमवार को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनकी बहादुरी वर्षों तक भारतीयों को प्रेरित करती रहेगी. पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘मैं आज के दिन जलियांवाला बाग में बेरहमी से मार दिए गए शहीदों को नमन करता हूं. हम उनकी वीरता एवं बलिदान को कभी नहीं भूलेंगे.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी वीरता आने वाले कई वर्षों तक भारतीयों को प्रेरित करती रहेगी.Also Read - PM Modi ने देहरादून में कहा- देश में 10 साल तक घोटाले हुए, उत्तराखंड को विकास चाहिए

इसके अलावा उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने भी स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पंजाब के जलियांवाला बाग में ब्रिटिश अधिकारियों की क्रूरतापूर्ण कार्रवाई के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये उनके बलिदान से प्रेरणा लेने की देशवासियों से अपील की है. नायडू ने अपने संदेश में कहा, ‘‘जलियांवाला बाग त्रासदी की बरसी के अवसर पर उन अमर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जिन्होंने 13 अप्रैल, 1919 को इस अमानवीय हत्याकांड में अपने प्राणों का बलिदान दिया. जलियांवाला बाग स्वाधीनता के लिए किए गए अनगिनत महान बलिदानों का साक्षी है.’’ Also Read - राहुल गांधी का केंद्र पर बड़ा हमला, कहा- आंदोलन में जान गंवाने वाले 700 किसानों के परिजनों के बारे में सोचें पीएम, मुआवजा दें

बता दें कि दरअसल ब्रिटिश हुकूमत द्वारा लागू किये गये कानून रौलेट एक्ट के विरोध में पंजाब में अमृतसर के जलियांवाला बाग में 13 अप्रैल 1919 को बैसाखी के दिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिये जुटी भीड़ पर ब्रिटिश अधिकारी जनरल डायर के आदेश पर पुलिस ने गोलीबारी की थी. इसमें सैकड़ों निहत्थे लोग मारे गये. इस घटना में कम से कम 400 लोगों की मौत हो गई थी और हजारों लोग घायल हुए थे. देश के इतिहास में 13 अप्रैल का दिन एक दुखद घटना के साथ दर्ज है. वह वर्ष 1919 का 13 अप्रैल का दिन था, जब जलियांवाला बाग में एक शांतिपूर्ण सभा के लिए जमा हुए हजारों भारतीयों पर अंग्रेज हुक्मरान ने अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं. Also Read - DDE Corridor: दिल्ली से देहरादून सिर्फ 2.30 घंटे में, मेरठ से लेकर हरिद्वार तक चमकेगी बीच के शहरों की सूरत

पंजाब के अमृतसर जिले में ऐतिहासिक स्वर्ण मंदिर के नजदीक जलियांवाला बाग नाम के इस बगीचे में अंग्रेजों की गोलीबारी से घबराई बहुत सी औरतें अपने बच्चों को लेकर जान बचाने के लिए कुएं में कूद गईं. निकास का रास्ता संकरा होने के कारण बहुत से लोग भगदड़ में कुचले गए और हजारों लोग गोलियों की चपेट में आए.

(इनपुट भाषा)