नई दिल्ली: जामिया मिलिया विश्वविद्यालय ने अपने छात्रों को हॉस्टल खाली करने का निर्देश जारी किया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों को निर्देश देते हुए कहा है कि सरकार द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइंस का पालन करते हुए छात्र अपने घर जा सकते हैं. विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, छात्रों के लिए सरकार की नई गाइडलाइंस में ट्रांसपोर्ट और ट्रैवल प्रोटोकॉल है. गौरतलब है कि लॉकडाउन घोषित किए जाने के कारण कई छात्र अपने घर नहीं जा सके थे और हॉस्टल में ही रुके हुए हैं. Also Read - ब्रिटेन में पीएम के मुख्‍य सलाहकार ने किया था लॉकडाउन का उल्लंघन, उप मंत्री ने दिया इस्तीफा

लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे लोगों को घरों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकारों की अपील के बाद भारतीय रेलवे स्पेशल ट्रेनें भी चला रही हैं. वहीं कई राज्य सरकारों ने विशेष बसों के माध्यम से अपने राज्यों के छात्रों की वापसी सुनिश्चित करवाई है. इन व्यवस्थाओं के शुरू होने के बाद ही जामिया विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से हॉस्टल खाली करने को कहा है. विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ए.पी. सिद्धकी ने एक पत्र जारी करते हुए कहा, “जो विद्यार्थी हॉस्टल में रह गए थे, उन्हें अब हॉस्टल खाली करने का निर्देश दिया जाता है. विश्वविद्यालय के आसपास का क्षेत्र पहले ही हॉटस्पॉट घोषित किया जा चुका है. ऐसे में विश्वविद्यालय द्वारा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना कठिन होगा. Also Read - कोरोना मामले पर स्वास्थ्य मंत्रालय का बयान- प्रतिबंधों में ढील के कारण 5 राज्यों में बढ़ें संक्रमण के मामले

विश्वविद्यालय प्रशासन ने हॉस्टल में मौजूद छात्रों से कहा, “आप सभी को मालूम है कि कोरोना वायरस के कारण विश्वविद्यालय बंद है. यहां लाइब्रेरी समेत सभी शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह से बंद हैं. विश्वविद्यालय जुलाई में परीक्षाएं लेगा और इसी के साथ नया सत्र सितंबर से शुरू होगा.” गृह मंत्रालय ने राज्यों को अपने निवासियों को बसों में वापस लाने की अनुमति दे दी है. वहीं कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सरकार से अनुरोध किया है कि प्रवासियों के लिए विशेष ट्रेनें चलाने की अनुमति दी जाए. Also Read - बीते वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 1.2 प्रतिशत रहने का अनुमान: एसबीआई रिपोर्ट

इससे पहले, उत्तर प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों की पहल पर राजस्थान के कोटा से हजारों की तादाद में छात्रों को बसों के जरिए वापस लाया गया है. अब ट्रेन के माध्यम से भी विभिन्न शहरों में फंसे लोगों को उनके गृहराज्य तक पहुंचाया जा रहा है. ट्रेन चलने से पहले सभी यात्रियों की स्टेशन पर थर्मल जांच जरूरी है. मास्क पहनना अनिवार्य है. साथ ही यात्रियों को ट्रेन में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.