Jamia Millia professor fails 15 non-Muslim students : नागरिका संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ चले विरोध प्रदर्शन का समर्थन नहीं करने के कारण जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में एक नया बवाल खड़ा हो गया है. दरअसल, इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन नहीं करने के कारण यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर ने 15 गैर मुस्लिम छात्रों को फेल कर दिया है. प्रोफेसर ने इस बारे में ट्वीट कर बाकायदा बताया भी है. प्रोफेसर के ट्वीट के बाद हुए विरोध को देखते हुए जामिया प्रशासन ने उन्हें निलंबित कर दिया है. Also Read - महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर एम्स सहित देश भर के छात्र करेंगे CAA का विरोध, राजघाट से शुरू होगा प्रदर्शन

जामिया मिलिया एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है. इसे अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा प्राप्त है. पिछले दिनों CAA के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान यहां भी खूब प्रदर्शन हुए थे. जामिया के तमाम छात्र इन प्रदर्शनों में शामिल हुए थे. Also Read - CAA को लेकर अमित शाह ने दिया बयान, कहा- ज्यादातर विरोध प्रदर्शन राजनीतिक है, इससे नहीं जाएगी किसी की नागरिकता

यूनिवर्सिटी के एसिस्टेंट प्रोफेसर अबरार अहमद ने ऐसी हरकत की है. अबरार अहमद ने बुधवार को एक ट्वीट कर बाकायदा कहा था कि CAA का विरोध नहीं करने के कारण उन्होंने 15 गैर मुस्लिम छात्रों को फेल कर दिया है. विश्वविद्यालय ने अब प्रोफेसर को निलंबित करने के साथ मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

वैसे विवाद बढ़ने के बाद प्रोफेसर ने सफाई दी है. उन्होंने कहा है कि किसी छात्र को फेल नहीं किया गया है. उनका ट्वीट एक तरह का व्यंग्य था. उन्होंने कहा कि ऐसी न कोई परीक्षा हुई थी और नहीं कोई रिजल्ट जारी हुआ. ऐसा उन्होंने यह बताने के लिए किया कि कैसे अल्पसंख्यकों को CAA के जरिए निशाना बनाया जाता है. मैं कभी भेदभाव नहीं करता हूं.

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने ट्वीट कर कहा कि प्रोफेसर अबरार अहमद की ये हरकत गंभीर है. यह CCS के कंडक्ट रूल के अधीन सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का गंभीर मामला है. यूनिवर्सिटी उन्हें जांच जारी रहने तक निलंबित करती है.

प्रोफेसर के ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग होने लगी. जामिया मिलिया में सीएए, एनआरसी और एनपीआर को लेकर दिसंबर से ही विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं.