नई दिल्ली: गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ रविवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में हुए हिंसक प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की तरफ से एक भी गोली नहीं चलाई गई थी. ऐसे आरोप लग रहे थे कि पुलिस ने जामिया में प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं थी. अधिकारियों ने यह भी बताया कि प्रदर्शन के संबंध में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कुछ और आसामाजिक तत्वों का पता लगाया जा रहा है.

Jamia Violence: पुलिस ने 10 अपराधिक छवि वाले लोगों को किया गिरफ्तार, एक भी छात्र नहीं

दिल्ली पुलिस की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए अधिकारियों ने कहा, “दिल्ली पुलिस ने जामिया में प्रदर्शन के दौरान एक भी गोली नहीं चलाई थी. गिरफ्तार किए गए सभी 10 व्यक्तियों की आपराधिक पृष्ठभूमि रही है. आसामाजिक तत्वों की तलाश जारी है.” संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान बसों समेत कई वाहनों को आग लगा दी गई थी और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था.

गौरतलब है कि पुलिस ने गिरफ्तार किए गए लोगों पर दंगा भड़काने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में एफआईआर दर्ज किया है. विश्वविद्यालय की वाइस चांसलर नजम अख्तर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि 200 छात्र इस झड़प में घायल हुए हैं. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय कैंपस में बल पूर्वक घुसने और संपत्ति को नुकसाने पहुंचाने के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन दिल्ली पुलिस के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगी.

(इनपुट-भाषा)