जम्मू: सड़क हादसे में घायल हुई महाराष्ट्र की 61 वर्षीय एक तीर्थयात्री की यहां एक अस्पताल में मृत्यु हो गई, जबकि अमरनाथ यात्रियों का 18 जत्था आज यहां से पवित्र गुफा के लिए रवाना हुआ. दक्षिण कश्मीर के हिमालय में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा के लिए 60 दिवसीय यात्रा 28 जून को दो मार्गों (गंदेरबल और पहलगाम) से शुरू हुई थी. Also Read - मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के विस्तार को मंजूरी, मोदी सरकार के फैसले से जम्मू-कश्मीर के सेब उत्पादकों की बढ़ेगी कमाई

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दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बर्फ से बने शिवलिंग के कल शाम तक दर्शन किए. यात्रा का समापन 28 अगस्त को होगा. अधिकारियों के अनुसार यहां सरस्वती धाम रेलवे स्टेशन के समीप एक वाहन की टक्कर से घायल होने के बाद महिला श्रद्धालु गया भाई कैले को जीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी कल शाम मृत्यु हो गई. अधिकारियों के अनुसार कैले की मौत के साथ अबतक इस यात्रा में 27 लोगों की जान जा चुकी है. जम्मू क्षेत्र में यह तीसरी यात्री की मौत है. अधिकारियों के मुताबिक 1983 यात्रियों का 18 वां जत्था आज तड़के यहां भगवती नगर आधार शिविर से 59 वाहनों के साथ रवाना हुआ. Also Read - कश्मीर और लद्दाख में बनेंगी 100 किलोमीटर लंबी 10 सुरंगें, सेना का काम होगा आसान

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अमरनाथ यात्रा पर सुरक्षा चाक-चौबंद

बता दें कि अमरनाथ यात्रा के दौरान इस बार सुरक्षा व्‍यवस्‍था बेहद कड़ी कर दी गई है. पिछले साल, यात्रा के दौरान एक बस पर आतंकवादी हमले हुआ था, जिसमें 56 तीर्थयात्री सवार थे. उस समय आठ तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि 15 बुरी तरह घायल हो गए थे. ऐसे में कश्मीर में आतंकी हमले के अलर्ट के मद्देनजर तमाम सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. जहां सीआरपीएफ, सेना और एनएसजी के कमांडो यात्रा की सुरक्षा में मुस्तैद रहेंगे वहीं ड्रोन से भी नजर रखी जाएगी. इस यात्रा की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं.