नई दिल्ली, 9 दिसंबर | जम्मू एवं कश्मीर में इस साल पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए 555 संघर्ष विराम उल्लंघनों में 14 नागरिकों और पांच सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई है। यह जानकारी मंगलवार को केंद्र सरकार ने दी। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने मंगलवार को संसद में बताया कि संघर्ष विराम उल्लंघन के सबसे ज्यादा 405 मामले अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर हुए जिसकी निगरानी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधीन है।

राज्यसभा में रक्षा मंत्री ने बताया कि इन संघर्ष विराम उल्लंघनों में से 344 घटनाएं जम्मू सेक्टर में दर्ज की गईं और 61 घटनाएं इंद्रेश्वर सेक्टर में दर्ज की गईं। 2013 के मुकाबले इस साल संघर्ष विराम उल्लंघन मामलों में भारी वृद्धि हुई है। पिछले साल 148 संघर्ष विराम उल्लंघन के मामले दर्ज किए गए थे। जबकि 2011 और 12 में क्रमश: 11 और 21 संघर्ष विराम उल्लंघन के मामले सामने आए थे। रक्षा मंत्री ने बताया कि इस साल नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अंतर्राष्ट्रीय सीमा रेखा के हिस्से के आस-पास 150 संघर्ष विराम उल्लंघन के मामले दर्ज किए गए। अंतर्राष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा सेना के अधीन है।

एलओसी पर संघर्ष विराम उल्लंघन के मामलों में 2013 के मुकाबले थोड़ी कमी आई है। 2013 में 199 मामले दर्ज किए गए थे। जबकि 2011 में 51 और 2012 में 93 बार संघर्ष विराम उल्लंघन हुए थे।  मंत्री ने बताया कि इस साल 30 नवंबर तक संघर्ष विराम उल्लंघन के कारण 14 नागरिकों और पांच सुरक्षा कर्मियों की मौत हो चुकी है।  उन्होंने बताया कि 2011 और 2013 में किसी भी नागरिक की मौत नहीं हुई थी, जबकि 2012 में चार नागरिकों की मौत हुई थी।

पर्रिकर ने बताया कि सीमा पार से गोलीबारी और अन्य सामरिक घटनाओं में मारे गए सुरक्षा कर्मियों की संख्या 2011 और 2012 में पांच थी, जबकि 2013 में 12 जवानों की मौत हुई थी।