जम्मू: कांग्रेस विवादों में आए अपनी पार्टी के सीनियर नेता सैफुद्दीन सोज की किताब ‘कश्मीर: ग्लिम्पसेज ऑफ हिस्ट्री एंड द स्टोरी ऑफ स्ट्रगल’ का अध्ययन करवाने जा रही है. कांग्रेस की जम्मू – कश्मीर इकाई के अध्यक्ष जी.ए. मीर ने रविवार को कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेता सैफुद्दीन सोज की विवादित किताब का अध्ययन करने के लिए पार्टी एक टीम बनाने जा रही है. इस किताब में पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की राय का जिक्र करते हुए कहा गया है कि कश्मीरियों की पहली पसंद ‘आजादी’ है.

दरअसल, सोज ने अपनी पुस्तक ‘कश्मीर: ग्लिम्पसेज ऑफ हिस्ट्री एंड द स्टोरी ऑफ स्ट्रगल’ में परवेज मुशर्रफ के उस बयान का भी समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर वोटिंग की स्थितियां होती हैं तो कश्मीर के लोग भारत या पाक के साथ जाने की बजाय अकेले और आजाद रहना पसंद करेंगे.

अमित शाह प्रमाण – पत्र नहीं चाहिए
मीर ने जम्मू – कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के इस बयान का भी बचाव किया कि सेना के अभियानों में आतंकवादियों से ज्यादा तो आम नागरिक मारे जाते हैं. प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, ”वह (आजाद) दिल से राष्ट्रवादी हैं और उन्हें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह एवं उनके लोगों से कोई प्रमाण – पत्र नहीं चाहिए.”

देखेंगे क्या  आपत्तिजनक है
जम्मू – कश्मीर के कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”हम आधिकारिक तौर पर एक टीम बना रहे हैं और देखेंगे कि क्या सोज द्वारा लिखी और कल जारी होने जा रही किताब में कुछ आपत्तिजनक है. किताब का अध्ययन करने के बाद टीम इस बारे में उनसे बात करेगी ताकि पता किया जा सके कि यह उनकी निजी राय है या उन्होंने इसे पार्टी का विचार बताया है.”

मीर ने यहां मीडियाकर्मियों को बताया, ”यदि वह किसी ऐसी चीज को पार्टी की राय बताते हैं, जो पार्टी को स्वीकार्य नहीं है या उसकी नीति के अनुरूप नहीं है, तो कांग्रेस उसे स्वीकार नहीं करेगी.”

किताब में ये लिखा
सोज ने किताब में लिखा है, ” मुशर्रफ ने कहा था कि यदि कश्मीरियों को अपनी मर्जी खुलकर जाहिर करने का मौका दिया गया तो वे आजाद रहना पसंद करेंगे. मुशर्रफ का यह आकलन आज भी सही प्रतीत होता है.” सोज की किताब पर पैदा हुए विवाद पर मीर ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री ने साफ कर दिया है कि उन्होंने 1947 के अविभाजित कश्मीर का हवाला दिया था और ” आज के संदर्भ में उनकी राय है कि यह (आजादी) मुमकिन नहीं है.” (इनपुट-एजेंसी)