नई दिल्ली: कश्मीर में कुपवाड़ा के जंगलों में करीब 48 घंटे से जारी मुठभेड़ बुधवार को खत्म हो गई. मुठभेड़ में सेना के तीन जवान और दो पुलिसकर्मियों सहित पांच सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए, जबकि पांच आतंकवादी मारे गए. एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस दल द्वारा आतंकवादियों के एक समूह को रोके जाने के बाद नियंत्रण रेखा से करीब आठ किलोमीटर दूर हलमतपुरा क्षेत्र में मुठभेड़ हुई Also Read - Shopian-Tral Encounter: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों-आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी, अबतक पांच आतंकी मारे गए

मंगलवार को आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में इनपुट मिलने के बाद सेना और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई शुरू की गई थी. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, 6 से 7 आतंकियो के एक गुट ने हाल के दिनों में ही सरहद पार से घुसपैठ की थी. ये उसी ग्रुप के आतंकी है. माना जा रहा है कि इनका ताल्लुक जैश-ए-मोहम्मद से हो सकता है. पिछले कुछ समय से कश्मीर घाटी में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी काफी सक्रिय रहे हैं. Also Read - Jammu and Kashmir: जम्मू कश्मीर के शोपियां में मुठभेड़ में तीन आतंकवादी ढेर

अधिकारियों ने कहा कि ऊंचाई पर जाकर छिपा एवं सुरक्षाबलों पर गोली चलाने वाला पांचवां आतंकवादी बुधवार शाम मारा गया. पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि मुठभेड़ में पांच आतंकवादी मारे गए और माना जा रहा है कि सभी विदेशी आतंकवादी हैं और वे नियंत्रण रेखा में हाल में घुसपैठ करने वाले समूह में शामिल थे. Also Read - जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने 3 आतंकियों को किया ढेर, भाजपा नेता की हत्या में थे शामिल

प्रवक्ता ने बताया कि दो पुलिसकर्मी दीपक थुसू और एसपीओ मोहम्मद यूसुफ और सेनाकर्मी सिपाही अशरफ राठर और नायक रंजीत खोलका शहीद हो गए. जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मुठभेड़ में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी है.

सीजफायर का उल्‍लंघन
जम्मू कश्मीर में पाकिस्तानी लगातार सीजफायर का उल्लंघन कर अपने आतंकियों को भारत में भेजता रहा है. 18 मार्च को भी पाकिस्‍तान ने सीमा पर सीजफायर का उल्‍लंघन किया था. रविवार को पुंछ जिले के बालाकोट सेक्‍टर में पाकिस्‍तान की ओर से लगातार गोलाबारी की गई थी. पाकिस्तान द्वारा की गई उस गोलीबारी में पांच स्‍थानीय नागरिकों की मौत हुई थी और मरने वाले सभी लोग ए‍क ही परिवार के थे.

कई बार समझाने के बाद भी पाकिस्तान की ओर से बॉर्डर पर लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया जा रहा है. लगातार हो रहे सीजफायर उल्लंघन से भारत-पाकिस्तान सीमा पर शांति के फिलहाल कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं. भारतीय सेना की कार्रवाई व चेतावनी के बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है.

इससे पहले 11 फरवरी को राजौरी और पुंछ में पाकिस्तान ने अग्रिम इलाकों और गांवों में भारी गोलाबारी की थी. दस फरवरी को भी नौशेरा इलाके में पाकिस्तानी सैनिकों की गोली से परवीन अख्तर नाम की एक महिला की मौत हो गई थी. जम्मू क्षेत्र में इस वर्ष नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पाकिस्तान की गोलाबारी में कुल 19 लोग मारे गए जिनमें दस सुरक्षाकर्मी और नौ नागरिक शामिल हैं. गोलाबारी में 75 से अधिक लोग जख्मी हुए हैं.