नई दिल्ली: आतंकवादी धमकियों के बीच जम्मू कश्मीर में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान सोमवार सात बजे से शुरू होगा. करीब एक दर्जन जिलों के 422 वार्डों में वोट डाले जाएंगे. पहले चरण में 1,283 उम्मीदवार मैदान में हैं. पहले चरण में जम्मू के 247 वार्ड, कश्मीर में 149 और लद्दाख के 26 वार्ड में चुनाव हो रहे हैं. अनुच्छेद 35 (ए) जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा के मुद्दे को लेकर राज्य की दो प्रमुख पार्टियों नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने इन चुनावों का बहिष्कार किया है. Also Read - राहुल गांधी ने कहा- अरुणाचल प्रदेश में चीन ने कैसे बसा लिए गाँव, पीएम मोदी जवाब दें

आतंकी धमकी
आतंकियों ने मतदाताओं और उम्मीदवारों को चुनावों से दूर रहने की धमकी दी है. राज्यभर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की 400 अतिरिक्त कंपनियां राज्य में पहुंच चुकी हैं. प्रशासन ने उम्मीदवारों को सुरक्षित जगहों पर रखा है. पहले चरण के मतदान के बारे में अनेक लोगों को बहुत कम मालूम है और उनमें से अधिकतर ने अपने उम्मीदवारों को नहीं जानने और मतदान की तारीख पता नहीं होने की शिकायत की है. Also Read - CBI ने छत्तीसगढ़ का सेक्स सीडी केस को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की, CM भूपेश बघेल हैं आरोपी

कैंडिडेट्स की जान को खतरा
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कश्मीर की वर्तमान स्थिति उम्मीदवारों को खुलेआम प्रचार करने की इजाजत नहीं देती है क्योंकि उनकी जान को खतरा है. अलगाववादियों ने चुनाव के बहिष्कार का आह्वान किया है, आतंकवादियों ने इन चुनावों में हिस्सा लेने वालों को निशाना बनाने की धमकी दी है. दो स्थानीय पार्टियों के चुनाव बहिष्कार के बीच कांग्रेस इन चुनावों में हिस्सा ले रही है. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि राज्य में माहौल चुनाव के लायक नहीं है लेकिन पार्टी ने चुनाव लड़ने का निर्णय किया क्योंकि केंद्र ने लोगों पर चुनाव थोप दिया. इस पूरी प्रक्रिया में गोपनीयता संदेह को जन्म देती है. Also Read - Maharashtra Gram Panchayat Election में शिवसेना नंबर 1, भाजपा पर किया कटाक्ष

मीरवाइज उमर फारूक नजरबंद
पहले चरण के चुनाव से पहले हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नरमपंथी धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक को रविवार को नजरबंद कर दिया गया. पुलिस ने दो अक्टूबर को जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक को एहतियाती तौर पर हिरासत में ले लिया था. हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी की नजरबंदी जारी रहेगी. फारूक ने ट्वीट किया, ‘नजरबंद हूं. चुनाव की विचित्र लोकतांत्रिक प्रक्रिया चल रही है. बड़ी संख्या में बल तैनात किए गए हैं. पीएसए लगाने, लोगों को कैद और नजरबंद करने, छापेमारी करने, पाबंदियां लगाने और इंटरनेट पर रोक लगाने की प्रक्रिया तेज हुई है.’

दूसरे चरण का चुनाव 10 अक्टूबर से
पहले चरण के बाद 10 अक्टूबर को दूसरे चरण में 384 वार्ड, तीसरे चरण में 13 अक्टूबर को 207 वार्ड, और 16 अक्टूबर को आखिरी चरण में 132 वार्डों में वोट डाले जाएंगे. मतगणना 20 अक्टूबर को होगी. इससे पहले राज्य में 2005 में गुप्त मतदान के जरिये नगर निकाय चुनाव हुए थे और उनका पांच साल का कार्यकाल फरवरी 2010 में खत्म हो गया था. जम्मू और श्रीनगर नगर निगमों समेत प्रदेश में कुल 1,145 वार्डों के लिये चार चरणों में होने वाले चुनाव के लिये 2,990 उम्मीदवार मैदान में हैं. जम्मू क्षेत्र से कुल 2,137 उम्मीदवार मैदान में हैं जबकि श्रीनगर से 787 उम्मीदवार और लद्दाख क्षेत्र से 66 उम्मीदवार मैदान में हैं. कश्मीर घाटी में 231 और जम्मू में 13 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं.