श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव को लेकर मिल रही धमकी के बीच सरकार एक नई पहल पर विचार कर रही है. पंचायत चुनाव को लेकर लोगों में आत्मविश्वास पैदा करने और डर की साइकोलॉजी को दूर करने के लिए बीमा योजना पर विचार कर रही है.

हमारी सहयोगी न्यूज वेबसाइट डीएनए को विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि सरकार पंचायत चुनाव में उतरने वाले हर प्रत्याशी को 10 लाख रुपये का इंश्योरेंस देने की तैयारी में है. इसके साथ ही अधिकारी इसकी भी योजना बना रहे हैं कि अतिसंवदेनशील इलाके में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए. इतना ही नहीं ऐसे प्रत्याशी जिन्हें धमकियां मिल रही हैं उन्हें सुरक्षित आवास भी उपलब्ध कराया जा सकता है.

अधिकारी ने ये कहा
जम्मू-कश्मीर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, पंचायत चुनाव में उतरने वाले हर प्रत्याशी के लिए हम 10 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर उपलब्ध कराने जा रहे हैं. हम उनकी सुरक्षा का भी ख्याल रखेंगे. जो अतिसंवेदनशील इलाके हैं, वहां सुरक्षा के साथ-साथ रहने की भी व्यवस्था की जाएगी.

हिज्बुल ने दी है धमकी
बता दें कि आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन ने पंचायत चुनाव को लेकर प्रत्याशियों को धमकी दी है. पिछले महीने हिज्बुल के चीफ ऑपरेशन कमांडर रियाज अहमद नाईकू ने कहा था कि लोग पंचायत चुनाव से दूर रहें या फिर नतीजा भूगतने को तैयार रहें.

जीविका का सवाल
ऑल जम्मू कश्मी पंचायत एसोसिएशन के चेयरमैन शफीक मीर ने कहा, हम चुनाव के लिए तैयार हैं. लेकिन, कुछ इलाके हैं जहां स्थिति बहुत खराब है. खास तौपर दक्षिण कश्मीर. सरकार को सुरक्षित व्यवस्था करनी चाहिए. इंश्योरेंस मौत के बाद एक आर्थिक लाभा है. . लेकिन कौन मरना चाहता है? पहला सवाल ही जीविका का है.

35ए पर भी विवाद
दूसरी तरफ आर्टिकल 35A के मुद्दे पर ज्यादातर पार्टियां पंचायत चुनाव से दूरी बनाए रखने के बारे में विचार कर रही हैं. इसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC), पीपल डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP), सीपीएम (CPM) भी हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने तो विधानसभा और लोकसभा चुनाव का भी बहिष्कार करने की धमकी दी है. उसकी मांग है कि सरकरा 35 ए पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे.