पीपुल्स डेमोकट्रिक पार्टी’ की अध्यक्षा महबूबा मुफ्ती ने रविवार को अपनी पार्टी की अहम बैठक में कहा कि वह जम्मू एवं कश्मीर में सरकार बनाने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जब तक उन्हें सहयोगी दल भारतीय जनता पार्टी से यह आश्वासन नहीं मिल जाता कि उनके स्वर्गीय पिता की विचारधारा का अनुसरण किया जाएगा, तब तक यह संभव नहीं है। पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती ने बीजेपी से कॉमन मिनिमम प्रोग्राम को लेकर लिखित में भरोसा देने की मांग की थी। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने इसे ठुकरा दिया है।Also Read - 75 साल से आर्टिकल 370 के रहते जम्मू कश्मीर में शांति क्यों नहीं थी? : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूछा

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इस मसले को लेकर पीडीपी विधायकों की आज एक खास मीटिंग होने जा रही है। यह कयास लगाया जा रहा है की इस मीटिंग के बाद जम्मू-कश्मीर में सरकार को लेकर अंतिम फैसला आ सकता है। जिसे लेकर अभी भी जम्मू-कश्मीर में सरकार निर्माण को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार है। अगर सूत्रों की माने तो महबूबा ने कहा कि वह राज्य में सत्ता के बारे में केवल यह सोचकर निर्णय नहीं ले सकतीं कि इससे वह मुख्यमंत्री बन जाएंगी। यह भी पढ़ें : महबूबा मुफ्ती के अगले कदम को लेकर सस्पेंस Also Read - कब बहाल होगा जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा? भाजपा बोली- पहले चुन कर की जा रही हत्याएं बंद हों

आप को बता दें की 7 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद का निधन दिल्ली के एम्स अस्पताल में हो गया था उसके बाद से राज्य में गवर्नर रूल लागू है। उसके बाद महबूबा मुफ्ती ने सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए कदम आगे नहीं बढ़ाया है। फिलहाल आज की बैठक को लेकर माना जा रहा है की कोई अंतिम फैसला लिया जा सकता है। लेकिन यह निर्णय क्या होगा इस पर अब सब की नजर है।