श्रीनगर: जम्मू एवं कश्मीर के उपराज्यपाल (एलजी) जी.सी. मुर्मू से मुलाकात करने वाले आठ नेताओं को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) से बर्खास्त कर दिया गया है. पार्टी ने मंगलवार को हुई इस मुलाकात पर कार्रवाई करते हुए गुरुवार को इन नेताओं को बर्खास्त कर दिया. बर्खास्त हुए इन आठ नेताओं ने जम्मू एवं कश्मीर में राजनीतिक गतिविधि को पुनर्जीवित करने के लिए कुछ उपाय के बाबत उपराज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा था.

 

बर्खास्त हुए इन नेताओं में से कुछ ने कश्मीर का दौरा कर रहे विदेशी राजनयिकों के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की है. बर्खास्त होने वाले नेताओं में दिलावर मीर, रफी अहमद मीर, जफर इकबाल मन्हास, कमर हुसैन, राजा मंजूर, जावेद बेग, अब्दुल मजीद पडरू और अब्दुल रहीम राथर शामिल हैं. पीडीपी के प्रवक्ता सुहैल बुखारी ने कहा कि पार्टी की अनुशासनात्मक समिति ने उनकी सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा की थी, जिसे पार्टी आला कमान ने मंजूरी दे दी. पीडीपी के पूर्व नेता अल्ताफ बुखारी के नेतृत्व में पार्टी नेताओं का एक दल जम्मू में मंगलवार को उपराज्यपाल से मिला था.

कश्मीर के लिए आगे का रास्ता अनुच्छेद 371 को लागू करना: मुजफ्फर बेग
बुखारी ने कहा था कि वह प्रदेश में राजनीतिक गतिविधि को पुनर्जीवित करने और अनुच्छेद 370 के रद्द होने के बाद इससे आगे बढ़ने के लिए योग्य विकल्पों की तलाश में हैं. उनकी मुख्य मांगों में जम्मू एवं कश्मीर के राज्य के दर्जे और यहां के निवासियों के अधिवास के अधिकार को को बहाल करना शामिल था.इस बीच, जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री मुजफ्फर बेग ने कहा कि कश्मीर के लिए आगे का रास्ता अनुच्छेद 371 को लागू करना है. उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को रद्द करने को लेकर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के बयानों के चलते ही प्रदेश से राज्य का दर्जा समाप्त कर केंद्र शासित प्रदेश इसे बनाया गया.