म्मू – कश्मीर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जोजिला सुरंग का शिलान्यास किया. इस सुरंग के बनने के बाद पूरे वर्ष भर श्रीनगर से कारगिल और लेह का संपर्क बना रहेगा. अभी तक इन इलाकों का सड़क संपर्क मार्ग 6 महीने बाधित रहता है. जिसका कारण भारी बर्फ़बारी और बर्फ का जमाव होता है. लगभग 6,800 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जाने वाली यह सुरंग एशिया की सबसे लंबी दो तरफा याता-यात सुविधा वाली सुरंग होगी. यातायात की दृष्टि से तो इस सुरंग का निर्माण महत्वपूर्ण है ही, सामरिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से भी ये सुरंग बेहद अहम सिद्ध होगी. इस सुरंग में जरिए जोजिला दर्रे को पार करने में महज 15 मिनट लगेंगे जबकि अभी यह दूरी तय करने में लगभग साढ़े तीन घंटे लग जाते हैं. Also Read - हिजबुल ने पत्र लिखकर जम्मू में नेताओं को दी धमकी, केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह को बताया निशाने पर

जोजिला सुरंग की निर्माण योजना में सभी अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों और सुविधाओं का ख्याल रखा गया है, जिससे आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाये रखने में मदद मिलेगी. इस सुरंग में ट्रांसवर्स वेंटिलेशल प्रणाली, 24 घंटे बिजली आपूर्ति के साथ साथ आपातस्थिति में प्रकाश की सुविधा की व्यवस्था की जाएगी. सीसीटीवी और अन्य कई प्रकार के सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग भी किया जाएगा.
पीएम मोदी जोजिला सुरंग के शिलान्यास के बाद आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए. इसके अतिरिक्त लेह के जीवे-त्साल में विभिन्न योजनाओं का भी पीएम ने शिलान्यास किया. श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में आयोजित समारोह में 42.1 KM लंबी श्रीनगर रिंगरोड का शिलान्यास किया. 1,860 करोड़ रुपये लागत की श्रीनगर रिंगरोड 42.1 किलोमीटर लंबी होगी. यह पश्चिम श्रीनगर में गलंदर को सुम्बल से जोड़ेगी.इसके अतिरिक्त जम्मू की रिंगरोड जो 58.25 किलोमीटर लंबी होगी. यह पश्चिमी जम्मू में जगती को रायामोड़ से जोड़ेगी. इसकी लागत 2,023.87 करोड़ रुपये होगी. इसके रास्ते में 8 बड़े पुल, 6 फ्लाईओवर, 2 सुरंग और 4 डक्ट होंगे.