नई दिल्ली: पिछले साल जम्मू कश्मीर के कठुआ में आठ वर्षीय एक बच्ची से बलात्कार और फिर उसकी हत्या के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है. दरअसल इस मामले की जांच करने वाली SIT के खिलाफ ही FIR दर्ज करने का आदेश हुआ है. जम्मू की अदालत ने कठुआ रेप केस की जांच कर रही कश्मीर पुलिस टीम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं. पुलिस की टीम पर विशाल जंगोत्रा के खिलाफ झूठे सबूत तैयार करने का आरोप है. पुलिस पर ये भी आरोप है कि उसने विशाल के तीन अन्य दोस्तों को झूठे बयान देने के लिए टॉर्चर भी किया था.

जी न्यूज से बात करते हुए, इस मामले में आरोपी का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता अंकुर शर्मा ने कहा कि उन्होंने अदालत के समक्ष सभी सबूत पेश किए जिसके बाद पुलिस को एसआईटी के सभी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया. कोर्ट ने जम्मू एसएसपी को 7 नवंबर 2019 तक एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है.

10 जून, 2019 को, पंजाब की पठानकोट की एक विशेष अदालत ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 8 साल की बच्ची के साथ क्रूर बलात्कार और हत्या के मामले में सात आरोपियों में से छह को दोषी ठहराया था. दोषी पाए गए छह में से तीन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, जबकि तीन को पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई थी. विशाल जंगोत्रा, जिसे पुलिस द्वारा मामले में आरोपी बनाया गया था, उसे अदालत ने छोड़ दिया था. अदालत ने विशाल को जी न्यूज की खबर का हवाला देते हुए छोड़ा था जिसनें जी न्यूज ने दिखाया कि बच्ची के साथ गैंगरेप वाले दिन विशाल घटनास्थल के कई सौ किलोमीटर दूर था.

इसके लिए जी न्यूज ने मुजफ्फरनगर के एक एटीएम के सीसीटीवी फुटेज को एक्सेस किया था जिसमें विशाल को घटना वाले दिन पैसे निकालते देखा गया था. रिहा होने के बाद, विशाल ने जी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि उसे पुलिस ने बेरहमी से प्रताड़ित किया था जब तक कि उससे जबरदस्ती गुनाह कबूल नहीं करा लिया जोकि उसने नहीं किया था. विशाल ने यह भी दावा किया कि उसे और उसके दोस्तों को पुलिस ने खूब टॉर्चर किया था.