श्रीनगर: जम्मू कश्मीर Jammu & Kashmir के शोपियां में सुरक्षा बलों security forces के साथ मुठभेड़ encounter में हिज्बुल मुजाहिदीन के तीन आतंकवादी मारे गए इनमें पुलिस का एक भगोड़ा भी शामिल है. पुलिस ने यह जानकारी दी. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों के मौजूद होने की गोपनीय सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने शोपियां जिले के वाची क्षेत्र में घेराबंदी करके तलाश अभियान शुरू किया.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि आंतिवादियों से आत्मसमर्पण करने को कहा गया, लेकिन उन्होंने सुरक्षा बलों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं, जिसके बाद दोनों ओर से मुठभेड़ शुरू हो गई. पुलिस अधिकारी ने बताया, ”मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के तीन आतंकवादी मारे गए.”

7 एके-47 राइफलें ले कर फरार हो गया था आदिल अहमद
पुलिस ने बताया कि उनमें से एक आतंकवादी की पहचान आदिल अहमद के तौर पर हुई है. वह विशेष पुलिस अधिकारी था, जो 2018 में बल छोड़ कर वाची के तत्कालीन विधायक एजाज अहमद मीर के आधिकारिक आवास से 7 एके-47 राइफलें ले कर फरार हो गया था. उन्होंने बताया कि शेष दो आतंकवादियों की शिनाख्त की जा रही है.

15 जनवरी को डोडा जिले में मारा गया था हिजबुल का शीर्ष आतंकवादी
सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में 15 जनवारी को मुठभेड़ के दौरान हिजबुल मुजाहिदीन के एक शीर्ष आतंकवादी को मार गिराया था. हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकवादी चार हत्याओं और हथियार छीनने की दो घटनाओं में शामिल था. जनवरी के पहले 15 दिन बहुत ही घटना प्रधान रहे और इस दौरान आतंकवादियों के खिलाफ कश्मीर में तीन और जम्मू क्षेत्र के डोडा जिले में एक प्रभावी ऑपरेशन किए गए. इनमें हिजबुल मुजाहिदीन का खूंखार आतंकवादी हारून अब्बास वानी मारा गया था.

ए ++ श्रेणी का आतंकवादी था
मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन का सदस्य हारून वानी मारा गया, जो ए ++ श्रेणी का आतंकवादी था. डोडा के गट्टा बेल्ट का निवासी वानी नवंबर 2018 में एक भाजपा नेता और उनके भाई की सनसनीखेज हत्या में ओसामा के साथ शामिल था। वह पिछले साल जनवरी में आरएसएस के एक पदाधिकारी और उनके पीएसओ की हत्या के अलावा किश्तवाड़ जिले में 2019 में हथियार छीनने की दो घटनाओं में भी शामिल था.