Independence Day 2019 : जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने गुरुवार को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में तिरंगा फहराया. जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के बाद यह पहला स्वतंत्रता दिवस है. इस दौरान स्टेडियम में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल भी मौजूद रहे. समारोह के दौरान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए. ध्वजारोहण के बाद राज्यपाल ने अर्धसैनिक बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस की परेड का निरीक्षण किया.

इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि केंद्र के फैसले के बाद कश्मीरी लोगों को अपनी पहचान को लेकर चंतित होने की जरूरत नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार कश्मीरी पंडितों की सुरक्षित वापसी को लेकर प्रतिबद्ध है, जो 1990 में हजारों की संख्या में घाटी छोड़कर चले गए थे. सत्यपाल मलिक ने कहा कि पथराव की घटनाओं के साथ-साथ आतंकवादी संगठनों में कश्मीरी युवाओं की भर्ती में कमी आई है.

उन्होंने कहा कि सरकार की नीति आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की है और सशस्त्र बलों की सतत कार्रवाई से आतंकवादियों ने हार मान ली है. मलिक ने कहा कि आतंकवादियों की भर्ती और जुमे की नमाज के बाद पत्थराव की घटनाओं में भारी कमी आई है.

इस बीच, संविधान के अनुच्छेद-370 के तहत राज्य को मिला विशेष दर्जा खत्म करने के मद्देनजर यहां प्रतिबंध लागू रहा. जम्मू-कश्मीर प्रशासन के प्रधान सचिव रोहित कंसल ने बताया कि बुधवार को श्रीनगर सहित कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में प्रतिबंधों में ढील दी गई थी. हालांकि,घाटी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ प्रतिबंध जारी हैं. उन्होंने बताया कि 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के बाद से कश्मीर में शांति बनी हुई है, इसलिए सरकार ने कई इलाकों में लागू निषेधाज्ञा में ढील दी है.

(इनपुट एजेंसियों से)