श्रीनगर। ईमानदारी किसी मजबूरी की मोहताज नहीं होती, अगर ईमान मजबूत हो तो कोई मजबूरी गलत काम नहीं करवा सकती, यही साबित किया जम्मू कश्मीर के दो पुलिसकर्मियों ने. इन दो पुलिसकर्मियों ने रुपयों से भरे बैग उसके मालिकों को लौटाकर साबित कर दिया कि आज के जमाने में भी ईमानदारी बाकी है. इस जज्बे के लिए इन दोनों पुलिसकर्मियों की हर तरफ वाहवाही हो रही है.

इंटरनेट पर कहानी वायरल

जम्मू कश्मीर के दो पुलिस कर्मियों की ईमानदारी की कहानियां इंटरनेट पर वायरल हो रही हैं जिन्होंने खो गये नकदी से भरे बैग को उसके सही मालिकों तक पहुंचाया. महज छह हजार रुपये मासिक पर काम करने वाले विशेष पुलिस अधिकारी उमर मुश्ताक ने कल एक बैग उसके मालिक तक पहुंचाया. इस बैग में 90 हजार रुपये थे.

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कश्मीर जोन पुलिस ने एक ट्वीट में कहा, यहां ईमानदारी एक संगठनात्मक मूल्य के रूप में अंतर्निहित है. कमरवाड़ी में तैनात एसपीओ उमर मुश्ताक ने 90,000 रुपये से भरा एक बैग आज उसके सही मालिक पलपोरा (नूरबाग) के अब्दुल अजीज मल्ला को सौंपा. मल्ला हाल ही में श्रीनगर नगर निगम से रिटायर हैं. नकदी से भरा उनका बैग खो गया था जिसमें उनकी रिटायरमेंट की बचत थी. उन्होंने इसकी रिपोर्ट संबंधित थाना में दर्ज करायी थी.

रुपयों से भरा बैग लौटाया

पुलिस विभाग से जुड़ा इसी तरह का एक और मामला सामने आया है. एक कांस्टेबल फारूक अहमद ने कीमती सामानों और 21,000 रुपया नकदी से भरा एक बैग अमरनाथ तीर्थयात्री वेंकटेश्वर राव को सौंपा. पुलिस के ट्वीट के अनुसार तमिलनाडु के गुंटुर के निवासी राव का बैग अमरनाथ यात्रा से लौटते वक्त मणिगाम आधार शिविर में खो गया था. अहमद मणिगाम में कार्यरत हैं.

(भाषा इनपुट)