
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
जम्मू-कश्मीर के अपने पहले दौरे पर पहुंचे भारत में अमेरिका के राजदूत और दक्षिण-मध्य एशिया के लिए अमेरिकी विशेष दूत सर्जियो गोर ने बुधवार (19 अगस्त) को ऐसा बयान दिया, जो भारत-अमेरिका संबंधों और कश्मीर के संदर्भ में खासा अहम माना जा रहा है. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद गोर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने कश्मीर की खूबसूरती की भी तारीफ की. गोर ने इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर को लेकर अमेरिका की मौजूदा ट्रैवल एडवाइजरी को खत्म करने के संकेत भी दिए.
सर्जियो गोर बुधवार को पहली बार जम्मू-कश्मीर पहुंचे. उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की. इससे पहले उनके जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से भी मुलाकात करने की जानकारी सामने आई थी. गोर गुरुवार को लद्दाख जाने वाले हैं. उमर अब्दुल्ला के साथ बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में अमेरिकी राजदूत ने कहा कि यह उनकी पहली कश्मीर यात्रा है और उन्होंने क्षेत्र को बेहद खूबसूरत बताया. उन्होंने कहा कि यहां हुई बैठकें अच्छी रहीं और इन चर्चाओं को आगे दिल्ली और वॉशिंगटन में भी आगे बढ़ाया जाएगा.
#WATCH | Delhi: When asked about the timeline og medical equipment which he requested from the Govt of India, Abdullah M. Abu Shawesh, Palestinian Ambassador to India, says “…I have reached out to the government and to the people of India. The GOI, through the Minister of… pic.twitter.com/98Usc993Oa
— ANI (@ANI) August 19, 2026
जम्मू-कश्मीर को लेकर मौजूदा ट्रैवल एडवाइजरी को लेकर गोर ने कहा कि अमेरिका समय-समय पर अपनी यात्रा संबंधी चेतावनियों की समीक्षा करता है. जम्मू-कश्मीर के लिए एडवाइजरी को डाउनग्रेड किया जाना चाहिए. गोर ने कहा कि दिल्ली और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. उनके मुताबिक बड़ी संख्या में अमेरिकी नागरिक कश्मीर आना चाहते हैं. अगर भविष्य में अमेरिकी ट्रैवल एडवाइजरी में बदलाव होता है, तो इसका सीधा असर कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र पर पड़ सकता है. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वह इस दौरे पर कोई बड़ा ऐलान नहीं कर रहे हैं.
गोर का कश्मीर दौरा इसलिए भी अहम है, क्योंकि यह 2019 के बाद किसी अमेरिकी राजदूत की जम्मू-कश्मीर की पहली यात्रा बताई जा रही है. 5 अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने आर्टिकल 370 के तहत जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म कर राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में पुनर्गठित किया था. इससे पहले अमेरिकी राजनयिकों के प्रतिनिधिमंडल कश्मीर का दौरा करते रहे हैं. 2024 में अमेरिकी राजनयिकों के एक दल ने तत्कालीन नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की थी.
#WATCH | Srinagar, J&K | After meeting with CM Omar Abdullah, US Ambassador to India, Sergio Gor says, “The United States puts out travel warnings and every so often we re-evaluate those travel warnings. I cannot make any big announcements here today but it is something that we… pic.twitter.com/0HYGGQUXqw
— ANI (@ANI) August 19, 2026
सर्जियो गोर से मुलाकात पर जम्मू-कश्मीर के CM उमर अब्दुल्ला ने कहा, “हमारी मुलाकात बहुत अच्छी रही. हमें दोनों देशों के रिश्तों पर चर्चा करने का मौका मिला, जिसमें खास तौर पर इस बात पर ध्यान दिया गया कि अमेरिका जम्मू-कश्मीर के लिए क्या कर सकता है. जाहिर है, कुछ पुराने मुद्दे हैं; जिन्हें हम समय के साथ सुलझाने की कोशिश करेंगे, लेकिन हम इस बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं.”
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