Live Updates on Jammu-Kashmir : नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर के बारे में ऐतिहासिक फैसला लेते हुए संविधान का अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य को दो हिस्सों में बांटने का फैसला किया है. जम्मू कश्मीर और लद्दाख को अब दो केंद्र शासित प्रदेश बनाने का प्रस्ताव किया गया है. जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा होगी, जबकि लद्दाख बिना विधानसभा वाली केंद्रशासित क्षेत्र होगा. जम्मू-कश्मीर पर केंद्र सरकार के बड़े फैसलों के बाद राज्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए करीब 8,000 सीआरपीएफ जवानों को और भेजा गया है. इन सभी जवानों को उत्तर प्रदेश, ओडिशा, असम और देश के दूसरे हिस्सों से विमान के जरिये जम्मू-कश्मीर भेजा गया है. पिछले कुछ दिनों के दौरान वहां पहले ही बड़ी तादाद में सेना और अर्धसैनिक बलों को विशेष विमानों के जरिये भेजा जा चुका है.Also Read - गृह मंत्री अमित शाह जम्मू में बॉर्डर की अग्रिम पोस्‍ट पर पहुंचे, BSF जवानों का बढ़ाया उत्‍साह

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इससे पहले, सोमवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की एक घंटे लंबी बैठक चली. इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक संकल्प पेश किया, जिसमें कहा गया कि संविधान के अनुच्छेद 370 के सभी खंड जम्मू-कश्मीर में लागू नहीं होंगे. अमित शाह ने कहा कि विगत में 1950 और 1960 के दशकों में तत्कालीन कांग्रेस सरकारों ने इसी तरीके से अनुच्छेद 370 में संशोधन किया था. हमने भी यही तरीका अपनाया है.

आखिर क्या है संविधान की धारा 370 और अनुच्छेद 35 ए, कश्मीर पर क्या पड़ेगा असर

अमित शाह ने राज्यसभा में जम्मू एवं कश्मीर राज्य पुनर्गठन विधेयक 2019 पेश किया. उन्होंने लद्दाख के लिए केंद्र शासित प्रदेश के गठन की घोषणा की जहां चंडीगढ़ की तरह विधानसभा नहीं होगी. अमित शाह ने घोषणा की कि कश्मीर और जम्मू डिविजन विधानसभा के साथ एक अलग केंद्र शासित प्रदेश होगा, जहां दिल्ली और पुडुचेरी की तरह विधानसभा होगी.