नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सरकार से बच्चों और महिलाओं सहित उन लोगों का ब्यौरा मुहैया कराने के लिए कहा है जिन्हें पांच अगस्त के बाद से हिरासत में लिया गया है. उन्होंने राज्य के बाहर जेलों में बंद लोगों के बारे में भी जानकारी मांगी है. मुफ्ती ने ‘‘तीन दिनों के अंदर’’ ही सूचना मुहैया कराने का भी अनुरोध किया है. जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने और इसे दो केंद्र शासित क्षेत्रों में बांटे जाने के बाद से हिरासत में बंद मुफ्ती ने अपनी बेटी इल्तिजा के मार्फत भेजे गए पत्र में यह जानकारी मांगी है. उनकी बेटी ने हाल में उनसे मुलाकात की थी. इल्तिजा ने केंद्रीय गृह सचिव और जम्मू-कश्मीर के गृह सचिव को पत्र लिखकर सूचना मांगी. उन्होंने कहा कि उनकी मां ने सूचना मांगने का निर्देश दिया है.

इल्तिजा ने पत्र में कहा, ‘‘मेरी मां महबूबा मुफ्ती को पांच अगस्त की शाम से ही हिरासत में रखा गया है. मैं पिछले हफ्ते उनसे मिल सकी थी… मुलाकात में मेरी मां ने राष्ट्रपति द्वारा जारी संवैधानिक आदेशों और पुनर्गठन कानून पारित होने के बाद हुई गिरफ्तारियों और हिरासत में लोगों को रखे जाने पर चिंता जताई है.’’ इस पत्र को महबूबा के ट्विटर हैंडल पर भी पोस्ट किया गया है. उन्होंने कहा कि अपनी मां का ट्विटर हैंडल वह उनकी अनुमति से संचालित कर रही हैं.

पत्र में सरकार से पांच अगस्त 2019 को या इसके बाद गिरफ्तार किए गए या हिरासत में लिए गए नाबालिगों (18 वर्ष से कम उम्र), 12 वर्ष से 15 वर्ष उम्र के बच्चों, 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और महिलाओं की संख्या भी बताने के लिए कहा है. इल्तिजा ने पत्र में लिखा है, ‘‘आपसे आग्रह है कि ये सूचनाएं जल्द से जल्द मुहैया करायी जाए और हो सके तो तीन दिनों के अंदर ये सूचनाएं दे दी जाएं. मैं यहां बताना चाहती हूं कि मैं न तो कोई नेता हूं न ही किसी राजनीतिक दल से संबद्ध हूं. मैं अपनी मां की तरफ से यह काम कर रही हूं जो नेता हैं और एक पंजीकृत राजनीतिक दल की अध्यक्ष हैं.’’