श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला के खिलाफ जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत लगाए गए आरोप शुक्रवार को हटा दिए गए. राज्‍य शासन के जारी आदेश में कहा गया है कि 17 सितंबर को अब्दुल्ला पर लगाया गया पीएसए को हटा दिया गया है. अब्दुल्ला पर लगाए गए पीएसए की अवधि 13 दिसंबर को बढ़ा दी गई थी. आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होता है. Also Read - जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस से पहली मौत, संक्रमित व्यक्तियों की संख्या बढ़कर 11 हुई   

राज्य के गृह सचिव शालीन काबरा ने एक आदेश में कहा कि 17 सितंबर को अब्दुल्ला पर लगाया गया पीएसए को हटा दिया गया है. अब्दुल्ला पर लगाए गए पीएसए की अवधि 13 दिसंबर को बढ़ा दी गई थी. आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होता है. Also Read - दिल्ली सरकार कंस्‍ट्रक्‍शन वर्क में लगे हर मजदूर को देगी 5,000 रुपए: सीएम अरविंद केजरीवाल

वहीं, पार्टी ने बयान जारी कर कहा नेकां संरक्षक फारूक अब्दुल्ला को हिरासत से रिहा किया जाना ‘‘जम्मू कश्मीर में वास्तविक राजनीतिक प्रक्रिया को बहाल करने की सही दिशा में लिया गया कदम है’’.

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला सहित अन्य राजनीतिक दलों कई नेताओं जिन्हें पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के समय हिरासत में लिया गया था.

उल्लेखनीय है कि जम्मू कश्मीर में एहतियातन हिरासत में लिए गए नेताओं को रिहा करने की विपक्ष लगातार मांग कर रहा है. विपक्षी नेताओं ने बयान में कहा कि तीन पूर्वमुख्यमंत्रियों सहित जम्मू कश्मीर के तमाम राजनीतिक कार्यकर्ताओं को अनिश्चित काल तक हिरासत में रखना इनके संवैधानिक अधिकारों का गंभीर हनन है.