नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के वरिष्ठ वकील भीम सिंह भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का केस लड़ना चाहते हैं. सिंह ने कहा है कि वह अपने खर्च पर पूर्व पाक पीएम नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम नवाज के वकीलों की डिफेंस कमेटी में शामिल होना चाहते हैं ताकि वो इन दोनों नेताओं की मदद कर सकें. नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम नवाज को दो दिन पहले भ्रष्टाचार के केस में लंदन से लौटते ही लाहौर एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया था.

वीजा के लिए किया आवेदन
77 साल के भीम सिंह ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय से आवेदन किया है कि उन्हें अपनी टीम के साथ पाकिस्तान का वीजा दिया जाए ताकि वह नवाज शरीफ के वकीलों की टीम को कोर्ट में ज्वॉइन कर सकें.

नवाज शरीफ का केस लड़ने के बारे में भीम सिंह का कहना है, ”हमने कानून की पढ़ाई इसलिए ही की है क्योंकि हम उनकी मदद करना चाहते हैं जिनको मदद नहीं मिल रही और जिन्हें सत्ता द्वारा परेशान किया जा रहा है. मैं बैरिस्टर हूं और मैं सभी राष्ट्रमंडल देशों में किसी भी केस की पैरवी कर सकता हूं.”

पहले भी कर चुके हैं कोशिश
भीम सिंह ने इससे पहले नीदरलैंड्स के हेग में संयुक्त राष्ट्र की क्रिमिनल कोर्ट में युगोस्लाविया के राष्ट्रपति के लिए भी केस की पैरवी करने की कोशिश की थी लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिली थी. सिंह व्यक्तिगत रूप से ईराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को भी जानते थे और हुसैन के लिए भी पैरवी करना चाहते थे लेकिन वहां की अदालत ने उन्हें इसके लिए अनुमति नहीं दी थी.

इससे पहले सिंह ने पूर्व पाक पीएम जुल्फीकार अली भुट्टो को भी मदद की पेशकश दी थी लेकिन उस समय भी पाकिस्तानी सरकार ने उन्हें इसके लिए वीजा देने से इनकार कर दिया था.

नवाज की गिरफ्तारी कानून का उल्लंघन?
सिंह का मानना है कि पूर्व पाक पीएम नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम नवाज की गिरफ्तारी कानून के खिलाफ है और इसमें मानवाधिकारों का उल्लंघन किया गया है. सिंह को लगता है कि पाकिस्तान में कोई लोकतंत्र नहीं है और अभी भी वहां सेना ही देश में राज कर रही है क्योंकि किसी को वीजा देने के लिए भी पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय को सेना से इजाजत लेनी पड़ती है.