श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा अपने साथियों की हत्या से राज्य के पुलिस जवानों में गुस्सा है. बढ़ते आतंकी हमले के बीच पुलिस ने राज्य सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की है. नाम ना आने की शर्त पर कुछ सीनियर अधिकारियों ने कहा कि घाटी में आतंक से मुकाबला करने की बजाय राज्य सरकार उनको (पुलिस) संयम से काम लेने को कहती है. अधिकारियों ने बताया कि महबूबा सरकार ने पुलिस को निर्देश जारी किए हुए हैं जिनमें लिखा है कि आतंकियों का सामने करते वक्त पुलिस को जहां तक हो सके संयम से काम लेना चाहिए.

पुलिस अधिकारी ने कहा कि पीडीपी सरकार जमात-ए-इस्लामी के सदस्यों की 2014 के चुनाव में जीत के लिए एहसानमंद है. इसलिए सरकार अलगाववादियों को लेकर नरम है. यही अलगाववादी पुलिस के खिलाफ लोगों को भड़काते हैं.

गौरतलब है कि सेना की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर जुनैद मट्टू शुक्रवार को सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया था. जुनैद मट्टू के अंतिम संस्कार में शनिवार को सैकड़ों लोग पाकिस्तान का झंडा लेकर शामिल हुए थे.

वहीं मट्टू के गांव से महज 22 किलोमीटर दूर पुलवामा जिले के अवंतीपुरा में एक 26 वर्षीय एसएचओ फिरोज डार का अंतिम संस्कार हो रहा था. फिरोज उन 6 शहीद पुलिसकर्मियों में से एक हैं जो आतंकवादियों के हमले में शहीद हुए थे. अनंतनाग जिले के अचबल इलाके में शुक्रवार को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों ने घात लगाकर पुलिस दल पर हमला कर दिया जिसमें 6 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे.