जम्मू: जम्मू कश्मीर पुलिस ने अपनी तरह की पहली पहल के तहत उधमपुर जिले में मादक पदार्थ जागरूकता व्यसन नियंत्रण (एनएआरसी) प्रकोष्ठ स्थापित किया ताकि राज्य में संगठित अपराध से निपटने के लिए सभी कट्टर अपराधियों का डेटाबेस तैयार किया जा सकें. उधमपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रईस मोहम्मद भट ने शनिवार को बताया कि प्रकोष्ठ की अगुवाई एक कम्प्यूटर विशेषज्ञ समेत दो सब इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी करेंगे. यह प्रकोष्ठ इस साल मई-जून में स्थापित किया गया और यह सभी कट्टर अपराधियों और मादक पदार्थ और पशु तस्करों का डेटाबेस तैयार करने पर कड़ी मेहनत कर रहा है जो कई आपराधिक मामलों में बार-बार शामिल पाए गए हैं.

एसएसपी रईस मोहम्मद भट ने कहा, ” यह मादक पदार्थ बेचने वाले और तस्करों के डेटाबेस और रिकॉर्डों को तैयार करने की कोशिश है ताकि हमारे पास ड्रग नेटवर्क की पूरी तस्वीर हो और हम समग्र रूप से इस समस्या से निपट सकें.” उन्होंने बताया कि इसका मकसद जागरूकता पहल के साथ मादक पदार्थों की लत को फैलने तथा अपराधों को बार-बार घटित होने से रोकना है और साथ ही अवैध मादक पदार्थ के तस्करों के नेटवर्क का खुलासा करना भी है.

राज्य पुलिस के पूर्व महानिदेशक एसपी वैद ने मादक पदार्थ की समस्या को आतंकवाद के मुकाबले बड़ी चुनौती बताई थी और कहा था कि ये मादक पदार्थ सीमा पार से आ रहे हैं. एसएसपी ने कहा एनएआरसी प्रकोष्ठ का काम संगठित अपराध के नेटवर्क का भंडाफोड़ करना है ताकि उन पर कड़े कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज किया जा सकें और इसके अलावा गैरकानूनी रूप से अर्जित संपत्ति भी जब्त की जा सकें.

अधिकारी ने बताया कि पुलिस मादक पदार्थ की समस्या को खत्म करने की कोशिशें कर रही है और युवाओं को इनसे दूर रखने के लिए कॉलेजों और स्कूलों में लगातार व्याख्यान आयोजित कर रही है. उन्होंने कहा, हमने मादक पदार्थ जागरूकता पर उजड़ता चमन फिल्म बनाई है और इसे छात्रों को दिखा रहे हैं. इस बीच, उधमपुर पुलिस प्रमुख ने कहा कि एक कट्टर मादक पदार्थ तस्कर को गिरफ्तार किया गया है और उस पर शुक्रवार को जन सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज किया गया.