श्रीनगर: जम्मू कश्मीर के कुपवाडा जिले में मुठभेड़ में आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर के साथ मारे गए एक अन्य आतंकवादी की पहचान पाकिस्तान के आतंकवादी अली भाई उर्फ दानिश के तौर पर हुई है. कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने कहा कि दोनों आतंकवादियों का मुठभेड़ में मारा जाना सुरक्षा बलों के लिए बड़ी कामयाबी है. Also Read - UN में इमरान के 'कश्मीर राग' पर भारत का करारा जवाब- 'PoK पर अवैध कब्जा खाली करो'

विजय कुमार ने कहा था कि मारे गए आतंकवादियों में से एक आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर नसीरुद्दीन लोन उर्फ साद भाई था, लोन इस साल 18 अप्रैल को सोपोर में सीआरपीएफ के तीन जवानों और चार मई को हंदवाड़ा में बल के तीन और जवानों की हत्या में शामिल था. उन्होंने कहा कि लोन के कब्जे से एक एके-47 रायफल बरामद हुई है जो चार मई को हंदवाडा के वनगाम में सीआरपीएफ के एक जवान पर हमला करके छीनी गई थी. उन्होंने कहा कि इससे साबित होता है कि वह सीआरपीएफ के तीन जवानों की हत्या में शामिल था. उन्होंने कहा कि लोन और दानिश का मारा जाना बलों के लिए बड़ी कामयाबी है. Also Read - Filmcity in Kashmir!: UP में Filmcity बनाए जाने पर शिवसेना का तंज- 'कश्मीर में फिल्मसिटी बना कर दिखाए मोदी सरकार'

एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि अली भाई घुसपैठ करने वाले विभिन्न आतंकी समूहों के सदस्यों को लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था और आतंकवादी संगठनों के लिए स्थानीय युवाओं की भर्ती कराने में भी शामिल था. उन्होंने बताया कि इस सप्ताह के शुरू में मारे गए सज्जाद उर्फ हैदर के साथ अली भाई, सुरक्षा बलों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हुए कई आतंकी हमलों में शामिल था. Also Read - गिलगिट-बाल्टिस्तान में चुनाव कराने की घोषणा पर भारत ने पाकिस्तान पर साधा निशाना, कहा- कब्जे वाली जगह पर...