नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर पुलिस अबु दुजाना के शव को ले जाने के लिए नई दिल्ली स्थित पाक दूतावास से संपर्क किया है. अबु दुजाना पाकिस्तान के गिलगित-बालटिस्तान का नागरिक था, कोशिश है कि उसका अंतिम संस्कार जन्मस्थान पर ही किया जा सके इसलिए पुलिस ने पत्र के माध्यम से दूतावास से संपर्क किया है. यह ऐसा पहला मौका है जब राज्य की पुलिस ने आतंकी के मारे जाने के बाद सीधे पाकिस्तान को उसका शव ले जाने के लिए कहा हो.Also Read - IND vs NZ, T20 World Cup 2021: Sunil Gavaskar की सलाह, न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत के लिए इन 2 खिलाड़ियों को करना होगा बाहर

कौन था अबु दुजाना?
दुजाना कश्मीर घाटी में लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर थी. वह बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर में आतंक का पोस्टर बॉय बन चुका था. सेना की हिट लिस्ट में शामिल दुजाना पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान का रहने वाला था. वह 2015 में उधमपुर हमले में भी शामिल था. 2016 के पंपोर हमले का मास्टरमाइंड भी दुजाना ही था. वह 6 बार सुरक्षा बलों को चकमा दे चुका था. दुजाना के सिर पर लाखों का इनाम था. Also Read - 'केवल सरकारों को ही अपना सॉफ्टवेयर बेचती है NSO'; इजराइली दूत बोले- पेगासस संबंधी विवाद भारत का आंतरिक मामला है

कश्मीर में स्कूल-कॉलेज बंद
दुजाना के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद बुधवार को किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए कश्मीर घाटी के स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया गया है. मंगलवार को हुई हिंसा और पत्थरबाजी की घटनाओं के बाद पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं, ताकि हिंसा भड़काने में उनका इस्तेमाल न हो सके. इतना ही नहीं एहतियात के तौर पर रेल सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं. अलगाववादी संगठन हुर्रियत के बुधवार के बंद के एलान को देखते हुए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. मंगलवार को हुई हिंसा में एक शख्स की मौत हो गई थी जबकि 40 से ज्यादा लोग घायल हुए थे, जिनमें पांच की हालत गंभीर है. Also Read - COVID-19 Restrictions in India: भारत सरकार ने COVID-19 प्रतिबंधों को 30 नवंबर तक बढ़ाया, जारी रहेंगे पाबंदियां

17 साल की उम्र में लश्कर से जुड़ा
करीब 7 सालों से कश्मीर में सक्रिय अबु दुजाना पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर के गिलगिट का रहने वाला था. 27 साल का दुजाना 17 साल की उम्र में लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हो गया था. साल 2013 में लश्कर कमांडर अबू कासिम के मारे जाने के बाद दुजाना ने कश्मीर में लश्कर की कमान संभाली थी. दुजाना ज्यादा खतरनाक इसलिए हो गया था, क्योंकि वो दूसरे आतंकी संगठनों के साथ मिलकर कश्मीर में आतंक का नेटवर्क बना रहा था.

लगातार दुजाना का पीछा कर रहे थे सुरक्षाबल
पिछले 2 महीनों में तकरीबन 6 जगहों पर अबु दुजाना को घेरे में लिया था. 10 दिन पहले पुलवामा में एक नाके में एक सूमो गाड़ी को घेरे में लिया गया तब गोलीबारी में दुजाना को गोली लगी थी और उसके बाद से ही सुरक्षाबल लगातार उसका पीछा कर रहे थे.