नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में गुरुवार दोपहर हुए आतंकी हमले में 35 से ज्यादा सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गए. अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट में जवानों के शहीद होने का आंकड़ा अलग-अलग है. कितने जवान शहीद हुए हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पाकिस्तान स्थित आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. हमले से पूरे देश में शोक की लहर है. गुरुवार को दोपहर के बाद जैसे-जैसे समय बीतता गया, शहीदों की संख्या बढ़ती गई. दुनिया के अधिकांश देशों ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़े होने की प्रतिबद्धता दोहराई है. खास कर पड़ोसी देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है. भारत सरकार ने कहा है कि इस हमले का करारा जवाब दिया जाएगा.

कैसे हुए हमला
78 वाहनों के काफिले में 2,547 सीआरपीएफ जवान जम्मू के ट्रांजिट शिविर से श्रीनगर की ओर जा रहे थे. श्रीनगर से करीब 30 किलोमीटर दूर पुलवामा जिले के लेथपोरा इलाके में श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर एसयूवी चला रहे आत्मघाती हमलावर ने दोपहर करीब सवा तीन बजे अपने वाहन से सीआरपीएफ की बस में टक्कर मारी दी. इसके बाद बहरा कर देने वाला धमका हुआ. हमला इतना जबरदस्त था कि सीआरपीएफ की बस के परखच्चे उड़ गए. एक रिपोर्ट में कहा गया कि एसयूवी 200 किलो विस्फोटक से भरी हुई थी, जिसमें संभवत: आरडीएक्स हो सकता है. सीआरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि आतंकियों द्वारा मुख्य रूप से निशाना बनाई गई बस पूरी तरह से तबाह हो गई और अन्य सीआरपीएफ वाहनों को आंशिक नुकसान पहुंचा.

गृहमंत्री बोले-बदला लेगा भारत
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के लोगों को यह भरोसा दिलाया कि जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ की बस पर पाकिस्तान प्रायोजित जैश ए मोहम्मद द्वारा किए गए आतंकवादी हमले का बदला लिया जाएगा. गृहमंत्री ने कहा कि जैश ए मोहम्मद ने इस आतंकवादी हमले को अंजाम दिया है. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि गृहमंत्री ने राज्यपाल से बातचीत की जिन्होंने उन्हें राज्य की वर्तमान स्थिति के बारे में बताया. सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केन्द्रीय गृह सचिव राजीव गाबा, खुफिया ब्यूरो (आईबी) के निदेशक राजीव जैन, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक आर आर भटनागर से भी बातचीत की और उन्हें जरूरी निर्देश दिए.

पीएम बोले- व्यर्थ नहीं जाएगा बलिदान
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फिदायीन हमले की कड़ी भर्त्सना करते हुए इसे कायराना कृत्य बताया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे वीर सुरक्षा कर्मियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्वीट में कहा कि सीआरपीएफ कर्मियों पर हमला घृणित कृत्य है. मैं इस कायराना हमले की कड़ी निंदा करता हूं. मोदी ने कहा, हमारे वीर सुरक्षा कर्मियों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने पुलवामा हमले से उत्पन्न स्थिति के बारे में गृह मंत्री राजनाथ सिंह एवं शीर्ष अधिकारियों से बात की.

कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘पुलवामा में आतंकी हमले में हमारे सीआरपीएफ के जवानों ने वीरगति प्राप्त की. कांग्रेस इस कायरतापूर्ण हमले की निंदा करती है. उन्होंने दावा किया, ‘मोदी सरकार में यह 17वां बड़ा आतंकी हमला है. इस सरकार में आए दिन हमारे जवानों पर हमले हो रहे हैं. शहीद मनदीप और शहीद नरेंद्र सिंह का सिर काटकर पाकिस्तानी ले गए, लेकिन मोदी जी चुप रहे. पांच हजार से अधिक बार सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया, लेकिन मोदी जी चुप रहे. 448 जवान जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमले में शहीद हुए, लेकिन मोदी जी चुप रहे. कांग्रेस नेता ने कहा, ‘हम मोदी जी से पूछना चाहते हैं कि 56 इंच का सीना आतंकी हमलों का जवाब कब देगा?’

दक्षिण कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद
पुलवामा में सुरक्षा बलों पर आतंकी हमले के बाद दक्षिण कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवा गुरुवार को बंद कर दी गई जबकि श्रीनगर में डेटा स्पीड को घटाकर 2जी स्तर का कर दिया गया. अधिकारियों ने कहा कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिये ऐहतियाती उपाय के तौर पर दक्षिण कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवा स्थगित कर दी गई है.उन्होंने कहा कि इस बात की आशंका है कि गड़बड़ी फैलाने के लिए सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है. पुलवामा जिले में सीआरपीएफ के काफिले में अपनी विस्फोटक से भरी गाड़ी टकराने वाले आत्मघाती हमलावर का एक वीडियो घाटी में सोशल मीडिया पर काफी साझा किया जा रहा है. खुफिया अधिकारियों ने आशंका जताई कि इस वीडियो के प्रसार से राष्ट्र विरोधी तत्वों को गड़बड़ी फैलाने में मदद मिल सकती है.

पीएम की अध्यक्षता में सीसीएस की बैठक शुक्रवार को
जम्मू कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पर विचार विमर्श के लिए केन्द्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति (सीसीएस) की शुक्रवार को बैठक होगी. सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह बैठक पुलवामा की फिदायिन हमले की घटना की पृष्ठभूमि में हो रही है. सूत्रों ने बताया कि यह बैठक शुक्रवार को सुबह सवा नौ बजे होने की संभावना है. सीसीएस की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं और रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री एवं वित्त मंत्री इसमें शामिल हैं. सीसीएस सुरक्षा एवं सामरिक मामलों पर निर्णय करती है.

अमेरिका सहित इन देशों ने की निंदा
अमेरिका, रूस, श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल, मालदीव सहित कई देशों ने इस हमले की निंदा की है. भारत में अमेरिका के राजदूत कीनेथ जस्टर ने ट्वीट किया, ‘भारत में अमेरिकी मिशन जम्मू कश्मीर में आज हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता है. हम इस हमले में मारे गये लोगों के परिवारों और घायलों के प्रति हार्दिक संवेदना प्रकट करते हैं.’ उन्होंने कहा कि अमेरिका आतंकवाद का मुकाबला करने और उसे पराजित करने के लिए भारत के साथ खड़ा है.

(इनपुट-एजेंसियां)