श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा जिले में तीन वर्षीय एक लड़की के साथ कथित बलात्कार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान जम्मू कश्मीर में भड़की हिंसा में सोमवार को एक अधिकारी सहित 40 से अधिक सुरक्षाकर्मी और सात नागरिक घायल हो गए. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उत्तरी कश्मीर में बारामूला जिले के कई स्थानों पर युवाओं ने प्रदर्शन किया और सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके. जिले के मिरगुंड, चैनाबल, हरनाथ, सिंघपोरा, झील ब्रिज, कृपालपुरा पयीन और हांजीवेरा इलाकों में संघर्ष में 47 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए. सशस्त्र सीमा बल के एक सहायक कमांडेंट के सिर में चोट आई. सात नागरिक भी घायल हो गए. पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मांग की है कि ऐसे घिनौने जुर्म के गुनहगार को मुस्लिम शरिया कानून की बिनाह पर पत्थरों से मार-मार कर सजा-ए-मौत दी जानी चाहिए. वहीं, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की.

विरोध में प्रदर्शन से श्रीनगर में जनजीवन प्रभावित
बच्ची के साथ बलात्कार के विरोध में धार्मिक-सह-अलगाववादी संगठन की ओर से हड़ताल के कारण श्रीनगर में इन दिनों जनजीवन प्रभावित है. हड़ताल के कारण शहर के अधिकतर स्कूल, दुकानें और शहर के अन्य कारोबारी संस्थान बंद रहे. कश्मीर विश्वविद्यालय, केंद्रीय विश्वविद्यालय और इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों ने भी कक्षाओं का बहिष्कार कर प्रदर्शन कर रहे हैं. उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के सदस्य भी पीड़ित के प्रति एकजुटता की भावना दिखाते हुए अदालतों से दूर रहे. हड़ताल व प्रदर्शनों के चलते सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित हो रहे हैं. ‘इत्तेहादुल मुस्लिमीन’ ने समूचे कश्मीर घाटी में पूर्ण बंद का आह्वान किया था. ‘इत्तेहादुल मुस्लिमीन’ एक धार्मिक संगठन है जो हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के उदारवादी धड़े का एक घटक है. ‘इत्तेहादुल मुस्लिमीन’ के अध्यक्ष मौलाना मसरूर अब्बास अंसारी ने बलात्कार की इस घटना को मानवता के चेहरे पर धब्बा बताया है.

सभी नेताओं ने की निंदा, दुख जताया
घटना की निंदा करते हुए मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों के साथ-साथ अलगाववादी समूहों ने दोषियों के लिए कठोर सजा की मांग की है. नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा है कि बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना स्तब्ध करने वाली है. पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि शरिया कानून ऐसे मामलों से निपटने के लिए उपयुक्त प्रतीत होता है. उन्होंने कहा कि वह इस खबर को सुनकर शर्म महसूस कर रही हैं. किस तरह की मानसिकता के लोग ऐसा कर सकते हैं? वहीं, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने कहा कि दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक और सैयद अली शाह गिलानी ने भी इस घटना की निंदा की. मीरवाइज ने ट्वीटर पर मांग की कि पीड़ित को जल्द से जल्द न्याय मिले.

राज्यपाल ने कहा- दुष्कर्मी को मिले कड़ी सजा
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि दुष्कर्मी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए. राजभवन से जारी बयान में कहा गया, “बांदीपोरा की तीन साल की बच्ची के साथ हुई अत्यंत जघन्य घटना पर राज्यपाल ने गहरा क्षोभ और दुख व्यक्त किया है. उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक एसपी पाणि से बात की और उन्हें इस मामले पर त्वरित कार्रवाई करने और इस शर्मानाक वारदात के लिए दोषी को कड़ी सजा मिलना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.”