नई दिल्ली: खुफिया एजेंसियों ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सरकारी वाहनों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखने के लिए सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक संभावित आतंकी हमलों के मद्देनजर सुरक्षा बलों ने ये कदम उठाया है. रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकवादी कार बम और IED का उपयोग कर सुरक्षा बलों को निशाना बना सकते हैं. एक इनपुट में कहा गया, “ऐसा लगता है कि सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए आतंकियों की नई रणनीति कार बम और आईईडी के माध्यम से हमले करने की है. पुलवामा आतंकी हमले की तर्ज पर आतंकी हमले को अंजाम दे सकते हैं.”

एजेंसियों के अनुसार, श्रीनगर को जम्मू से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) संवेदनशील बना हुआ है. कई खुफिया सूचनाएं हैं जिनमें कहा गया है कि आतंकी राजमार्ग के जरिए अपने मंसूबों को पूरा करने की कोशिश करेंगे.

ऐसे ही एक इनपुट में दावा किया गया है कि लश्कर-ए-तैयबा (LeT) को नेशनल हाईवे पर हमले की योजना बनाने का काम दिया गया है. कथित तौर पर, पुलवामा में एक बैठक आयोजित की गई थी जिसमें तीन शीर्ष आतंकी संगठनों – लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और जैश-ए-मोहम्मद को जम्मू-कश्मीर में और देश के अन्य हिस्सों में भी आतंकी हमले करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. ANI की रिपोर्ट में कहा गया है कि JeM को राष्ट्रीय राजमार्गों पर हमले करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसके अलावा लश्कर को सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर और मुजाहिदीन को राजनीतिक हत्याएं सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है.

बता दें कि सोमवार को ही एक और रिपोर्ट आई थी जिसमें कहा गया है कि आत्मघाती हमलावरों सहित कम से कम 45-50 आतंकवादियों को जैश-ए-मोहम्मद द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में ट्रेनिंग दी जा रही है. एएनआई ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया, “बालाकोट (पाकिस्तान) में जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी अड्डे में आत्मघाती हमलावरों सहित 45-50 आतंकवादियों को प्रशिक्षण दे रहा है.” सोमवार को, सुबह के ऑपरेशन में, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अन्य सुरक्षा बलों के साथ कश्मीर के गांदरबल से हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकवादियों को गिरफ्तार किया. उनके पास से एके 47 राइफल और गोला-बारूद बरामद किया गया है.