नई दिल्ली: जन औषधि (जेनेरिक दवाएं) दिवस पर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए लोगों से बात की. इस दौरान एक लकवा पीड़िता की बात सुनकर पीएम मोदी भावुक हो गए. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान दीपा शाह नाम की महिला ने कहा कि मैंने इश्वर को तो नहीं देखा है लेकिन आपको मोदीजी इश्वर के रूप में देखा है. इतना सुनते ही पीएम मोदी भावुक हो गए. महिला ने बताया कि साल 2011 में उसे लकवा हो गया था. इलाज में काफी खर्च आ रहा था. इस कारण घर खर्च चला पाना काफी मुश्किल हो रहा था. महिला ने बताया कि लकवे के कारण वह बोल भी नहीं पाती थीं. इसके बाद दीपा ने जनऔषधि दवाईंयों का इस्तेमाल किया जो सामान्य दवाइयों से कहीं कम दाम में मिल रहे है. Also Read - PM मोदी ने सोशल वर्कर्स से कहा, Coronavirus पर गलत सूचना और अंधविश्वास को दूर करें

इस पर पीएम मोदी ने दीपा शाह को संबोधित करते हुए कहा कि आपने बीमारी को हराया है. आपका हौसला सबसे बड़ा भगवान है. इसी की वजह से आप बीमारी की संकट से बाहर निकल पाईं. पीएम मोदी ने आगे अन्य मुद्दों पर बोलते हुए कहा कि देशभर में लगभग 6000 जनऔषधि केंद्र हैं. इन केंद्रों ने आम लोगों की 2 हजार से ढाई हजार करोड़ रुपये तक की बचत करने में मदद की है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक महीने करीब एक करोड़ से अधिक परिवार इन दवाईयों का इस्तेमाल कर रहा है.

वहीं पीएम ने आगे कोरोना वायरल पर बोलते हुए कहा कि मैं इससे जुड़ी अफवाहों से दूर रहने की अपील करता हूं. इस संबंध में डॉक्टरों की सलाह मानने की जरूरत है. पीएम ने कहा कि एक बार फिर से नमस्ते और अभिवादन करना शुरु करें, हाथ मिलाने से बचें. उन्होंने कहा कि मैं राज्य सरकारों से अपील करता हूं कि वे अपने चिकित्सकों से जेनेरिक दवाएं लिखने को कहें. जौनऔषधि दिवस पर उन्होंने कहा कि यह केवल एक योजना मनाने का दिन नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों के साथ जुड़ने का दिन है.