तिरुवनंतपुरम: केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन मछुआरों को बचाने को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों की निंदा की है. दरअसल, शुक्रवार को यह अफवाह फैलाई गई थी कि जापान के एक जहाज ने गहरे समुद्र में केरल के 60 मछुआरों को बचाया था. विजयन ने अफवाह फैलाने वालों को ‘सनकी’ बताया है.

तिरुवनंतपुरम के जिलाधीश एस. वासुकी ने ही शुक्रवार शाम मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह जापान की सरकार धन्यवाद देना चाहती हैं, क्योंकि उनकी एक जहाज ने चक्रवाती तूफान ओखी के केरल तट से टकराने के बाद केरल के 60 मछुआरों को बचा लिया.

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उन्होंने कहा था कि मछुआरे विजिंजम तट पर आएंगे, जिसके बाद मछुआरों की भारी भीड़ विजिंजम तट पर जुट गई. वे सभी अपने खोए रिश्तेदारों की वापसी पर उनके स्वागत में खड़े थे. तट पर कई रोगीवाहन (एबुंलेंस) भी मंगाए गए थे. बाद में खबर आई कि चूंकि जापानी जहाज कोच्चि जा रहा है, इसलिए मछुआरों को वहीं उतारा जाएगा. रात में ही लोग असलियत से वाकिफ हो गए कि ‘खबर झूठी’ थी.

विजयन ने कहा, “आप नहीं जानते, कुछ लोग सनकी हैं, वे ऐसी अफवाहें फैलाने के लिए बुरे दिनों का उपयोग करते हैं.” उन्होंने कहा कि अब तक 400 मछुआरों को बचाया गया है, जबकि 100 अभी लापता हैं.

प्रदेश की मत्स्यपालन मंत्री जे. मर्सिकुट्टी भी झूठी खबर फैलाने को लेकर परेशान थीं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी कोशिश कर रही है और सभी एजेंसियां राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई हैं.

प्रदेश के आला अधिकारियों ने बताया कि केरल और तमिलनाडु के तटीय जिलों में ओखी तूफान आने के बाद भारतीय नौसेना, वायुसेना और भारतीय तटरक्षकों ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्य शुरू किया.