नई दिल्ली: देश अभी कोरोना वायरस के चपेट में है. इस महामारी से संक्रमित होने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है. ऐसे में केंद्र और राज्य सरकार अपनी पूरी मेहनत से इस लड़ाई में डटकर खड़े हैं. दिल्ली सरकार ने सोमवार को निर्णय लिया कि जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम का प्रयोग कोविड-19 के संदिग्ध मरीजों के लिए पृथक केंद्र के रूप में किया जाएगा. Also Read - पूर्व पाक गेंदबाज ने कहा- खाली स्टेडियम में टी20 विश्व कप का आयोजन सही नहीं

दक्षिण पूर्वी जिले की जिला मजिस्ट्रेट हरलीन कौर ने भारतीय खेल प्राधिकरण के सचिव से तत्काल स्टेडियम की कमान जिला प्रशासन को सौंपने को कहा है. Also Read - देश में 24 घंटे में कोरोना के 9,851 नए मामले, संक्रमितों का आंकड़ा 2 लाख 26 हजार के पार

बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण के 25 नए मामले सामने आने के बाद दिल्ली में इस घातक वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 97 हो गई है. दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि रविवार रात तक शहर में संक्रमित लोगों की संख्या 72 थी जिनमें से दो लोगों की मौत हो गई है. Also Read - Mumbai Updates: हैरान करने वाले हैं महाराष्ट्र में कोरोना के मामले, देश के 20 प्रतिशत मरीज सिर्फ मुंबई में

बताया गया है कि 97 मरीजों में से 89 एलएनजेपी अस्पताल, जीटीबी अस्पताल, आरएमल अस्पताल, सफदरजंग अस्पताल और राजीव गांधी सुपर स्पेश्येलिटी अस्पताल समेत विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं. इस बीच, दिल्ली पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के जवानों ने कुछ दिन पहले आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कई लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण दिखने के कारण सोमवार को निजामुद्दीन पश्चिम में एक प्रमुख इलाके की घेराबंदी कर दी.

अधिकारियों ने बताया कि इंडोनेशिया और मलेशिया समेत अनेक देशों के 2000 से अधिक प्रतिनिधियों ने एक से 15 मार्च तक तबलीग-ए-जमात में भाग लिया था. हालांकि स्थानीय लोगों ने कहा कि इस अवधि के बाद भी बड़ी संख्या में लोग जमात के मरकज में ठहरे रहे.