नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलपति एम जगदीश कुमार ने शनिवार को दावा किया कि 15 से 20 छात्रों ने विवि परिसर में उन्हें घेर लिया और गालियां दी और हमला करने का प्रयास किया लेकिन विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें बचा लिया. जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रावास शुल्क बढ़ाने के विरोध में पिछले डेढ़ महीने से विरोध प्रदर्शन जारी है और छात्रों ने परीक्षाओं का बहिष्कार किया है.

 

कुमार ने बताया कि जब छात्रों ने उन्हें घेर लिया तब वह यह देखने के लिए गए थे कि विश्वविद्यालय में परीक्षा का संचालन कैसे हो रहा है. उन्होंने बताया कि लगभग शाम साढे़ चार बजे वह और अन्य पदाधिकारी प्रशासनिक खंड से बाहर आये और महज 100 मीटर दूर जैव प्रौद्योगिकी स्कूल में गए. उन्होंने बताया कि इसके बाद वे जारी परीक्षा का अवलोकन करने स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स में गए. कुमार ने बताया कि जब हम वापस लौट रहे थे, तब 15 से 20 छात्रों ने हिंसक तरीके से मुझे घेर लिया और उनकी मंशा मुझ पर शारीरिक तौर पर हमला करने की थी. वे मुझ पर हमला करने की योजना बना रहे थे और अपशब्द बोल रहे थे.

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों ने और सादे कपड़ों में तैनात पुलिसकर्मियों ने मुझे बचा लिया और छात्रों को सुरक्षा वाहन में बिठा कर उन्हें दूर ले जाने का प्रयास किया लेकिन भीड़ ने इसकी अनुमति नहीं दी. कुमार ने बताया कि मैं वाहन से उतर गया और भीड़ से 20-30 मीटर आगे बढ़ गया. उन्होंने बताया कि और इसके बाद मैं अपनी कार में सवार हुआ. उन्होंने कार को क्षतिग्रस्त कर दिया और कार को आगे नहीं जाने दिया. चालक ने बुद्धिमता दिखायी और पिछली गीयर में लिया और मुझे बचा लिया.

कुलपति ने बताया कि उनके जाने के बाद छात्रों ने प्रशासनिक खंड में प्रवेश किया और वहां तोड़-फोड़ की जोकि दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है. आदेश में कहा गया है कि प्रशासनिक खंड के 100 मीटर के दायरे में प्रदर्शन करना निषेध है. इससे पहले इस हफ्ते, अदालत ने पुलिस से कहा कि जब कुलपति और अन्य पदाधिकारी प्रशासनिक खंड में प्रवेश करें तो वह उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें, जहां एक महीने से अधिक समय से छात्रों का कब्जा है.