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तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके प्रमुख जयललिता और उनके लाखों समर्थकों के लिए आज का दिन बेहद अहम है। जयललिता और उनके तीन सहयोगियों की तरफ से दायर याचिका पर आज कर्नाटक हाइकोर्ट फैसला सुना सकता है। याचिका में आय से अधिक संपत्ति के मामले में उन्हें दोषी साबित करने और जेल की सजा सुनाए जाने का विरोध किया गया है। Also Read - Tamil Nadu: मर्डर केस के आरोपी डीएमके सांसद TRVS रमेश ने कोर्ट में किया सरेंडर

इस केस में जयललिता के तीन सहयोगी भी शामिल हैं, जिनमें उनकी सहेली शशिकला भी हैं। अगर हाईकोर्ट जया को बरी करता है तो उनके लिए सीएम बनने का रास्ता साफ हो जाएगा लेकिन यदि वे बरी नहीं हुईं या फिर सजा कम हुई तो उन्हें कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि वह दोबारा सीएम नहीं बन पाएंगी।विशेष अवकाशकालीन एकल पीठ के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सी.आर. कुमारस्वामी सुबह 11 बजे फैसला सुनाएंगे। यह भी पढ़े-जयललिता की अग्रिम सुनवाई की याचिका खारिज

गौरतलब है कि पिछले साल 27 सितंबर को विशेष अदालत ने जयललिता को चार साल की सजा सुनाने के साथ 100 करोड़ का भारी जुर्माना भी लगाया था। अगर विशेष अदालत का फैसला रद्द हो जाता है तो जयललिता के पास एक बार फिर तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने का मौका होगा और अगर हाइकोर्ट ने विशेष अदालत का फैसला जस-का-तस बनाए रखा तो जयलिलता को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने तक जेल जाना होगा।

इस मामले में एक और संभावना है। संभव है कि जज जुर्माना और अधिक लगा दें और सजा कम कर दें। हालांकि, प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट यानी पीसीए के प्रावधानों को देखते हुए अम्मा के लिए यह फैसला उनके मन मुताबिक नहीं हो सकेगा, क्योंकि वे राज्य की सीएम नहीं बन पाएंगी। इसके अलावा, उन पर छह साल तक चुनाव लड़ने की रोक तो जारी रहेगी ही।