नई दिल्ली| केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने आज इस बात को खारिज कर दिया कि उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था की स्थिति के बारे में अपने पिता एवं पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा की राय से असहमति जताने वाला आलेख किसी और व्यक्ति के कहने पर लिखा है.

जयंत ने इस बात पर जोर दिया कि उनका आलेख पूरी तरह से अपने विवेक से लिखा गया. उनका यह आलेख  एक प्रमुख अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित हुआ था. इसके एक दिन पहले उनके पिता ने एक अन्य अंग्रेजी अखबार में देश की अर्थव्यस्था की हालत पर आलेख लिखकर केंद्र सरकार की नीतियों की तीखी आलोचना की थी.

इस बीच पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि उनके बेटे जयंत अगर इतने ही सक्षम थे तो फिर उन्हें वित्त मंत्रालय से क्यों हटाया गया. पूर्व वित्त मंत्री ने सवाल किया ‘यदि उनकी चिंताओं के निवारण के लिए उनके पुत्र जयंत इतने ही सक्षम थे तो फिर उन्हें वित्त मंत्रालय से हटाकर दूसरे मंत्रालय में क्यों भेजा गया.’ हालांकि अभी तक जयंत सिन्हा की इस पर प्रतिक्रिया नहीं ली जा चुकी है.

नागर विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने यह भी कहा कि अपने पिता के साथ उनके विचारों में भिन्नता ‘बहुत गंभीर विमर्श’ है और इसे निजी तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.

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उन्होंने एक टेलीविजन चैनल से कहा, ‘‘यह पूरी तरह से मेरा विवेक था। मैं ऐसे किसी भी आरोप को खारिज करता हूं जिसमें यह कहा गया है कि मुझसे यह आलेख लिखने के लिए कहा गया था. मैं आलेख लिखना चाहता था.’’ जयंत ने कहा, ‘‘यह अर्थव्यवस्था के भविष्य के बारे में बहुत गंभीर चर्चा है और इसे निजी तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.’’ यशवंत सिन्हा ने अपने आलेख में अर्थव्यवस्था की कथित खराब स्थिति के लिए वित्त मंत्री अरूण जेटली पर निशाना साधा था.

गौरतलब है कि यशवंत सिन्हा अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वित्त मंत्री रह चुके हैं. वहीं, सरकार के बचाव में अपने बेटे के उतरने पर पूर्व वित्त मंत्री ने सवाल किया कि यदि उनकी चिंताओं के निवारण के लिए उनके पुत्र जयंत इतने ही सक्षम थे तो फिर उन्हें वित्त मंत्रालय से हटाकर दूसरे मंत्रालय में क्यों भेजा गया.