रांची: हत्या के आरोपी आठ लोगों का स्वागत करने के लिए आलोचना का सामना कर रहे केन्द्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने बुधवार को खेद व्यक्त किया. सिन्हा ने कुछ टीवी चैनलों से बातचीत में कहा, ‘‘वहां जो परिस्थिति थी और जो बातें बाद में कही गईं, या कही जा रही हैं, दोनों में जमीन आसमान का फर्क है. फिर भी अगर किसी को मेरी किसी भी कार्यशैली से पीड़ा पहुंची है, तो मैं माफी मांगता हूं.’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कई बार कहा कि यह मामला न्यायालय के अधीन है. इस मसले पर लंबी चर्चा करना सही नहीं होगा. सभी को न्याय मिलेगा और दोषियों को सजा मिलेगी और जो निर्दोष हैं उन्हें भी न्याय अवश्य मिलेगा. जहां तक माला पहनाने का सवाल है, तो इससे गलत संदेश गया है जिसका मुझे दुख है.’’

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उन्होंने पहले अपने कदम को उचित ठहराते हुए हत्या के आरोपियों का माला पहनाकर स्वागत किया था. उन्होंने कहा, ‘‘मैंने भले ही उन लोगों को सम्मानित किया हो लेकिन मैं उस कृत्य का समर्थन नहीं करता. अलीमुद्दीन की हत्या गलत थी लेकिन मैं मानता हूं कि जिन लोगों को हत्या के आरोप में पकड़ा गया, उनमें से कई निर्दोष हैं.’’

यशवंत सिन्हा बोले, मैं नालायक बेटे का लायक बाप था, अब स्थिति उलट गई

आरोपियों का माला पहनाकर स्वागत करने पर पिता यशवंत सिन्हा ने जयंत की आलोचना करते हुए उन्हें ‘नालायक’ तक कहा था. यशवंत सिन्हा ने ट्वीट कर कहा था कि इस मामले पर वह अपने बेटे का समर्थन नहीं करते. यशवंत ने लिखा, ‘‘कुछ दिन पहले तक मैं लायक बेटे का नालायक बाप था, लेकिन अब मामला पलट गया है.’ गोमांस ले जाने वाले युवक (अलीमुद्दीन) की हत्या के 8 दोषियों को झारखंड उच्च न्यायालय ने 29 जून को जमानत दे दी थी. जमानत मिलने के बाद जयंत सिन्हा ने पिछले शुक्रवार को इनका माला पहनाकर स्वागत किया था. साथ ही इनको जमानत मिलने पर भाजपा जिला कार्यालय में मिठाई बांटी गई थी.