मुंबई. समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता अमर सिंह और बीते जमाने की अभिनेत्री जयाप्रदा के बीच केमिस्ट्री की खूब चर्चा की जाती है. लेकिन बहुत कम लोगों को पता होगा कि अदाकारा से नेता बनी जयाप्रदा, अमर सिंह का बहुत इज्जत करती हैं और वह उन्हें अपना ‘गॉडफादर’ मानती हैं. वह मीडिया और राजनीति के गलियारे में उनके रिश्ते को लेकर होने वाली चर्चा से दुखी हैं. उन्होंने कहा है कि यदि वह उन्हें (अमर सिंह को) राखी भी बांध दें, तब भी लोग उनके बारे में बातें बनाना बंद नहीं करेंगे. साथ ही, जयाप्रदा ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर से विधायक आजम खान पर गंभीर आरोप लगाए और दावा किया कि खान ने उन पर तेजाब हमला कराने की कोशिश की थी.

उत्तर प्रदेश के रामपुर से लोकसभा की पूर्व सदस्य ने सपा से निष्कासित किए जाने के बाद अमर सिंह के साथ राष्ट्रीय लोक मंच बनाया था. जयाप्रदा ने अमर सिंह के साथ अपने संबंधों के बारे में नकारात्मक बातें किए जाने पर कहा, ‘‘मेरे जीवन में कई लोगों ने मेरी मदद की है और अमर सिंह जी मेरे गॉडफादर हैं.’’ उन्होंने यहां क्वींसलाइन लिटरेचर फेस्टिवल में लेखक राम कमल से बात करते हुए यह कहा.

जयाप्रदा (56) ने दावा किया, ‘‘जिस परिस्थिति में मैं एक महिला के तौर पर आजम खान के साथ चुनाव लड़ रही थी, उस समय मुझ पर तेजाब हमला और मेरी जान को खतरा था…जब कभी मैं घर से बाहर जाती मैं अपनी मां को यह भी नहीं बता सकती थी कि मैं जिंदा लौटूंगी या नहीं.’’ उन्होंने कहा कि उनका समर्थन करने को कोई नेता सामने नहीं आया. जयाप्रदा ने कहा, ‘‘मुलायम सिंह जी ने मुझे एक बार भी फोन नहीं किया.’’ उन्होंने कहा कि जब उनकी तस्वीरों में विद्वेषपूर्ण बदलाव कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, तब उन्होंने आत्महत्या करने तक की सोची थी.

जयाप्रदा ने कहा, ‘‘अमर सिंह डायलिसिस पर थे और मेरी तस्वीरों में विद्वेषपूर्ण बदलाव कर उसे क्षेत्र में फैलाया जा रहा था. मैं रो रही थी और कह रही थी कि अब मुझे और नहीं जीना है, मैं आत्महत्या करना चाहती हूं. मैं सदमे में थी और किसी ने मेरा समर्थन नहीं किया.’’

(इनपुट – एजेंसी)