नई दिल्ली: कर्नाटक में लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस और जेडीएस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बुधवार को राहुल गांधी और जेडीएस के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने बैठक की. राहुल गांधी कांग्रेस के सीनियर नेता केसी वेणुगोपाल के साथ पूर्व पीएम के आवास पर पहुंचे. मीटिंग के बाद एचडी देवगौड़ा ने मीडिया को बताया कि राज्य की 28 सीटों में से जेडीएस ने 10 सीटों पर दावा किया है. अंतिम फैसला राहुल गांधी को लेना है. वह केसी वेणुगोपाल और दानिश अली के साथ चर्चा के बाद फैसला लेंगे.

इससे पहले जनता दल एस प्रमुख एच डी देवेगौड़ा ने रविवार को कहा कि कर्नाटक में उनकी पार्टी सत्तारूढ़ गठबंधन में घटक कांग्रेस के साथ प्रदेश की 28 में से 12 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ने की अपनी मांग पर नहीं अड़ेगी. गौड़ा ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस से कहा है कि सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत में वह भी इसी मानसिकता के आधार पर शामिल हो. दोनों दलों के बीच सीट विभाजन पर कोई मतभेद नहीं होना चाहिए क्योंकि मुख्य मकसद भाजपा को रोकना है .

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, मैने कहा है कि हमें 12 सीटें मिलनी चाहिए, लेकिन मैं इस पर अड़ूंगा नहीं कि उन्हें हमें 12 सीटें देनी चाहिए . मेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए देवेगौड़ा ने कहा, ‘हमें अपने रुख में थोड़ा बदलाव कर … अंतिम निर्णय पर पहुंचना चाहिए. मैने कहा है कि आपकी (कांग्रेस) भी यही मानसिकता होनी चाहिए और हम सौहार्द्र पूर्वक अंतत: निर्णय पर पहुंचेंगे. उन्होंने कहा कि वह सीट बंटवारे पर चर्चा के दौरान गठबंधन में उभरने वाले मतभेदों को लेकर सभी अटकलों और बातों पर विराम लगाने के लिए ऐसा कह रहे हैं .

गठबंधन के समझौते के अनुसार कांग्रेस और जेडीएस लोकसभा चुनाव साथ लड़ेंगे. जनता दल (सेकुलर) ने उसका गढ़ माने जाने वाली मांड्या सीट से चुनाव लड़ने की बात कही है और संकेत दिया है कि मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी के बेटे निखिल कुमारस्वामी पार्टी के प्रत्याशी हो सकते हैं.

निखिल की उम्मीदवारी के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा के दूसरे पौत्र का राजनीति में प्रवेश हो जाएगा. देवगौड़ा पहले ही संकेत दे चुके हैं कि प्रजवाल रेवन्ना हासन से पार्टी के उम्मीदवार हो सकते हैं. कुमारस्वामी ने शिवमोगा में संवाददाताओं से कहा, ‘मैं मांड्या लोकसभा क्षेत्र में राजनीतिक घटनाक्रम देख रहा हूं. जेडीएस के मांड्या से हटने का कोई सवाल नहीं है. वहां के लोगों ने मुश्किल वक्त पर जनता दल का साथ दिया है.