नई दिल्ली/पटना. जनता दल (यूनाइटेड) की 16 सितंबर को राज्य कार्यकारिणी की एक मुख्य मिटिंग होने वाली है. इससे पहले पार्टी ने कहा है कि साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए राज्य में पार्टी का चेहरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों होंगे. Also Read - Tamil Nadu Election: राहुल ने तमिलनाडु में किया चुनाव अभियान का आगाज, पीएम मोदी पर साधा निशाना

बता दें कि तीन महीने पहले दिल्ली में आयोजित जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पार्टी ने घोषणा की थी कि राज्य में नीतीश को एनडीए के चेहरे के रूप में प्रस्तुत करना चाहिए. उस समय पार्टी का मानना था कि नीतीश राज्य में सबसे बड़े नेता हैं और एनडीए को उनके नेतृत्व में ही लोकसभा चुनाव में जाना चाहिए. Also Read - PM Modi in Kolkata: कोलकाता में बोले पीएम मोदी- वैक्सीन से दुनिया के देशों की मदद कर रहा है भारत, ये देख बड़ा गर्व करते नेताजी बोस

नीतीश ने बनाई अलग पहचान
जेडीयू के बिहार अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह का मानना है कि नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर अपने विकास कार्यों के जरिए देश में अपनी एक विशेष पहचान बनाई है. ऐसे में पीएम और सीएम दोनों ही साल 2019 के लिए बिहार में एनडीए का चेहरा होंगे. उन्होंने ये भी कहा कि रविवार को होने वाली मिटिंग में पार्टी अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए रणनीति तैयार करेगी. Also Read - ब्राजील के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को वैक्सीन के लिए कहा धन्यवाद, शेयर की भगवान हनुमान की यह खास तस्वीर

सीटों के बंटवारे पर बनी बात!
सूत्रों का मानना है कि जो जेडीयू कुछ महीने पहले तक नीतीश कुमार को ही बिहार में नेता मानती थी और जो हमेशा कहता था कि बीजेपी के साथ गठबंधन में वह बड़ा भाई है उसका अचानक से रवैया हल्का करना नया संदेश देता है. बताया जा रहा है कि इससे स्पष्ट होता है कि लोकसबा की 40 सीटों पर सीटों का बंटवारे पर बात लगभग बन गई है. बताया जा रहा है कि सिर्फ शीर्ष नेतृत्व ही इस बारे में जानता है कि क्या समझौता हुआ है. हालांकि, ये भी बताया जा रहा है कि गठबंधन में शामिल सभी पार्टियां बीजेपी पर दबाव बना रही हैं कि वह सीटों के बंटवारे की घोषणा पहले ही कर दे, दिससे उन्हें तैयारियों के लिए समय मिल जाए.

ये है एजेंडा
सूत्रों के अनुसार, 16 सितंबर को होनी वाली मीटिंग में लोकसभा चुनाव ही मुख्य एजेंडा होगा. इसमें पार्टी अध्यक्ष सीधे तौर पर जमीनी स्तर की तैयारियों को लेकर बात करेंगे. वह विकास से जुड़े चीजों पर फीडबैक लेंगे और अंतिम कुछ महीने में ग्राउंडवर्क की रणनीति पर बात करेंगे.