नई दिल्लीः राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) कानून की शक्ल में आ गया है. ऐसे में बिहार में इस बिल को लेकर सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (JDU) दो धड़ों में बंटा नजर आ रहा है. जहां एक तरफ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने केंद्र सरकार का साथ दिया है तो वहीं इसे लेकर पार्टी उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने एक बार फिर दोनों सदनों और राष्ट्रपति से मिल चुकी मंजूरी के बाद नागरिकता संसोधन विधेयक पर बड़ी बात कही है. पार्टी नेता प्रशांत किशोर लगातार CAB को लेकर अपनी अलग राय जाहिर करते रहे हैं. ऐसे में एक बार फिर उन्होंने इसे लेकर भाजपा पर निशाना साधा है.

प्रशांत किशोर ने ट्वीट करते हुए गैर-भाजपा शासित राज्यों के 16 मुख्यमंत्रियों से नागरिकता संशोधन विधेयक पर अपना रुख साफ करने को कहा है. प्रशांत किशोर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, ‘संसद में बहुमत साबित हो चुका है. न्यायपालिका से इतर देश की आत्मा को बचाने की जिम्मेदारी अब गैर-बीजेपी राज्यों के 16 मुख्यमंत्रियों पर है. ये वे राज्य हैं, जिन्हें इन कानूनों को लागू करना है.’

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने पश्चिम बंगाल, केरल और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के बारे में कहा कि इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नागरिकता संशोधन बिल और एनआरसी का विरोध किया है. अब समय आ गया है कि अन्य गैर बीजेपी शासित राज्य भी अपना रुख साफ करें. वहीं इससे पहले भी कई ट्वीट के जरिए प्रशांत किशोर, नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन करने पर नीतीश कुमार पर निशाना साध चुके हैं.

प्रशांत किशोर के अलावा जेडीयू के वरिष्ठ नेता पवन वर्मा ने भी नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) को लेकर पार्टी के रुख पर सवाल उठाए थे. पवन कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर दोबारा विचार करने की अपील करते हुए कहा था कि, ‘मैं नीतीश कुमार जी से अपील करता हूं कि वे राज्यसभा मं इस बिल को समर्थन देने पर दोबारा विचार करें. क्योंकि यह बिल असंवैधानिक, भेदभावपूर्ण और देश की एकता और आपसी सौहार्द के खिलाफ है.’