नई दिल्ली. बिहार में एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के इस बयान के बाद की वह लोकसभा में 25 सीटों पर चुनाव लड़ती आ रही है पर बिहार में एनडीए गठबंधन में हलचल बढ़ गई है. अंग्रेजी अखबार द हिंदू के मुताबिक, बीजेपी ने साल 2019 चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर 7 जून को पटना में एक मीटिंग बुलाई है. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि सीएम नीतीश कुमार द्वारा विशेष राज्य के दर्जा की मांग के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान से मुलाका की.

बिहार में नीतीश हैं बड़े भाई और बीजेपी छोटी, सीटें भी इसी हिसाब से बंटेंगी- जेडीयू

बता दें कि जेडीयू ने साफ कर दिया है कि बिहार में वो बड़ी पार्टी है और बीजेपी छोटी पार्टी, इसलिए अगले साल होने वाले चुनाव में भी जेडीयू ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और बीजेपी कम सीटों पर. सीट बंटवारे के मामले पर जेडीयू नेता अजय आलोक ने कहा, ”सीटों के बंटवारे को लेकर जेडीयू में कहीं भी भ्रम की स्थिति नहीं है, हम 25 सीटों पर चुनाव लड़ते रहे हैं और बीजेपी 15 पर, अब कई अन्य पार्टियां भी हमारे साथ हैं तो सभी बड़े नेता मिलकर सीटों के बंटवारे पर फैसला करेंगे, बिहार में एनडीए गठबंधन का चेहरा नीतीश कुमार होंगे.”

पिछले चुनाव का गणित
पिछले कुछ समय से हो रहे उपचुनाव में लगातार हार का सामना कर रही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अब किसी भी कीमत पर अपने सहयोगियों को नाराज करने का जोखिम नहीं उठा सकती. 2014 में हुए पिछले आम चुनाव में बीजेपी और जेडीयू अलग अलग चुनाव लड़ रहे थे. उस समय रामविलास पासवान और उपेंद्र कुशवाहा बीजेपी के साथ थे.

2014 में बीजेपी का था शानदार परफॉर्मेंस
2014 के आम चुनाव में एनडीए को बिहार में 40 में से 31 सीटें मिली थीं. जबकि जेडीयू को सिर्फ 2 सीट मिली थी ऐसे में बीजेपी भी इतनी आसानी से अपना दावा छोड़ नहीं रही है. हालांकि बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी को 81 सीटें, जेडीयू को 70 सीटें और बीजेपी को सिर्फ 53 सीटें ही मिली थीं.