नई दिल्ली: भाजपा की सहयोगी पार्टी जनता दल यूनाइटेड मोदी मंत्रिपरिषद में शामिल नही हुई. ये फैसला जेडीयू ने शपथ समारोह से ठीक पहले किया. जेडीयू के वरिष्ठ नेता के सी त्यागी ने इस आशय की जानकारी दी थी. त्यागी ने बताया, ”सरकार में शामिल होने के लिये हमारी पार्टी को भाजपा से आमंत्रण मिला था. लेकिन यह सांकेतिक प्रतिनिधित्व जैसा था.” उन्होंने कहा कि जदयू में इस सांकेतिक प्रतिनिधित्व को लेकर सहमति नहीं है. लिहाजा हम (जेडीयू) मंत्रिपरिषद में शामिल नहीं हो रहे हैं.
जेडीयू के वरिष्ठ नेता ने कहा, ” जदयू राजग का हिस्सा बनी रहेगी.” उन्होंने कहा कि हमें इसे लेकर कोई नाराजगी नहीं है. हमारे नेता नीतीश कुमार शपथ ग्रहण में जाएंगे.
Bihar CM Nitish Kumar: They wanted only 1 person from JDU in the cabinet, so it would have been just a symbolic participation.We informed them that it is ok we don’t need it. It is not a big issue, we are fully in NDA and not upset at all.We are working together,no confusion. pic.twitter.com/AsDa8EUnUN
— ANI (@ANI) May 30, 2019
शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पहुंचे बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा, वे कैबिनेट में जेडीयू के एक व्यक्ति को लेना चाहते थे, इसलिए ये प्रतीकात्मक भागीदारी होती. हमने उन्हें सूचित कर दिया है कि ये ठीक, हम ये नहीं चाहते हैं. ये बड़ा मुद्दा नहीं है. हम पूरी तरह से एनडीए में हैं और बिलकुल भी विचलित नहीं है. हम साथ काम कर रहे हैं, कोई कंन्फ्यूजन नहीं है.
बता दें बिहार में जदयू भाजपा की मुख्य सहयोगी पार्टी रही है. लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 17 सीट और जदयू ने 16 सीटों पर जीत दर्ज की थी. समझा जाता है कि जेडीयू को मोदी मंत्रिपरिषद में एक स्थान मिल रहा था, जो संभवत: राजग की सहयोगी पार्टी को मंजूर नहीं था.
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